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नरक चतुर्दशी के दिन एह जगह पs जरूर जराइ दीया, तबे घर में बरसी पइसा!

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वास्तु टिप्स : आजु वास्तु शास्त्र में हमनी के नरक चतुर्दशी के दिन नाली पs दीप जरा के बात करब जा। नरक चतुर्दशी के दिन घर के नाली के लगे कम से कम एक दीप जरावे के चाही।आज के दिन नाली पs दीपक जरे के इ व्यवस्था हमनी के सिखावेला कि घर के भीतर अवुरी आसपास के सभ नाली हमेशा साफ-सुथरा रहे के चाही अवुरी पानी के निकासी कबहूँ ना रुके के चाही, काहेंकी घर के नाली के हालत के सीधा संबंध स्वास्थ्य से आ घर के आर्थिक स्थिति के चलते होखेला। अगर घर के नाली बंद हो जाला तs घर के आमदनी भी बंद हो जाला।

जहां नाली बंद हो जाला उहाँ पीछे से सप्लाई अपने आप बंद हो जाला आ पानी के संबंध वरुण देव से होला आ वरुण के संबंध धन से होला, एही से वरुण के निवास सागर के रत्नाकर कहल जाला। एहसे घर के नाली साफ होखे के चाही, घर से कूड़ा निकाले के चाही अवुरी नाली प दीप जरावे के चाही, तबे घर में पईसा के बहाव बढ़ी। त आजु नाला पर दीया ना जरावे के पड़ेला, नाली के साफ सफाई के पूरा ध्यान राखल भी जरूरी बा।

नरक चतुर्दशी 2023

कार्तिक कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी के नरक चतुर्दशी के नाम से जानल जाला। एह साल नरक चतुर्दशी 11 नवम्बर के बा। एकरा के रूप चतुर्दशी के नाम से भी जानल जाला। नरकासुर खातिर नरक चतुर्दशी के दिन साँझ के चार दीप जरावे के परंपरा बा। ई दीपक दक्षिण दिशा में जरावे के चाहीं। भविष्य पुराण के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु आ शिव जइसन देवी-देवता के मंदिर में, मठ में, शस्त्रागार में, मने कि जहाँ हथियार आदि रखल जाला, बगइचा में, घर के आँगन में आ नदी के लगे दीप जरावल जाव । एह से ऊर्जा के साथे नया रोशनी भी अपना जीवन में ले आवे खातिर पास में जगहन पs दीया जराईं।

 

 

 

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