नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के कक्षा 8 के सोशल साइंस के टेक्स्टबुक में “ज्यूडिशियरी में करप्शन” के रेफरेंस पs कड़ा संज्ञान लेला के बाद, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) बुध के कहलस कि ऊ किताब के वितरण पs ‘सख्त रोक’ लगा देले बा आ एकरा के ‘गलती’ मानत माफी मांगल गइल बा।
एनसीईआरटी के प्रेस विज्ञप्ति में कहल गइल कि 24 फरवरी के कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, खंड II’ प्रकाशित भइला के बाद पता चलल कि अध्याय संख्या 4, जवना के शीर्षक ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ बा, ओकरा में अनजाना में कुछ अनुचित सामग्री आ निर्णय के गलती सामिल हो गइल बा।
‘NCERT ज्यूडिशियरी के बहुत सम्मान करत बा’
एनसीईआरटी के बयान में कहल गइल, “हमनी के ज्यूडिशियरी के बहुत सम्मान करेनी सs आ एकरा के भारतीय संविधान आ फंडामेंटल राइट्स के रक्षक मानतानी। ई गलती पूरा तरे अनजाना में भइल बा आ हमनी के अफसोस बा कि चैप्टर में गलत सामग्री सामिल हो गइल।”
काउंसिल आगे साफ कइलस कि “कवनो संवैधानिक संस्था के अधिकार पs सवाल उठवला के भा ओकरा के कम कइला के कवनो इरादा ना रहे”। NCERT दोहरवलस कि किताब के मकसद हमेसा “छात्र लोग में संवैधानिक साक्षरता, संस्थागत सम्मान आ लोकतांत्रिक भागीदारी के जानकारी बढ़ावल” रहे।
एमे कहल गइल कि चैप्टर अब “जरूरत अनुसार सही अधिकारियन से सलाह लेके” दुबारा लिखल जाई आ नया वर्जन अकादमिक सेशन 2026-27 में कक्षा 8 के छात्र लोग के दिहल जाई।
NCERT एक बार फेर से अपन गलती पर पछतावा करत कहलस कि संस्थान के पवित्रता आ सम्मान बना के रखे के प्रयास जारी रही आ एकरा खातिर माफी मांगल गइल बा।
विवाद का बा?
ई विवाद तब सुरू भइल जब नया किताब में ज्यूडिशियरी में करप्शन आ केस बैकलॉग पs चरचा वाला सेक्शन सामिल भइल। पहिले वाला एडिशन में मुख्य रूप से कोर्ट के स्ट्रक्चर, भूमिका आ न्याय तक पहुंचला पs फोकस रहे।







