Prashant Bose Death : एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रशांत बोस के RIMS में निधन, 72 घंटा बाद प्रशासन करी अंतिम संस्कार

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रांची। झारखंड के राजधानी रांची में होटवार इस्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद माओवादी नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के सुक के सबेरे निधन हो गइल। ऊ करीब 80 साल के रहलें आ उनकरा पs एक करोड़ रुपिया के इनाम घोषित रहे।

जेल प्रशासन के जानकारी के मोताबिक, सबेरे करीब 5:30 बजे उनकर तबीयत अचानक बिगड़ गइल। पहिले जेल अस्पताल में ले जाइल गइल, जहां डॉक्टर लोग उनकर हालत गंभीर देख के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) रेफर कs देलस। ओहिजा इलाज के दौरान करीब 10 बजे डॉक्टर लोग उनका के मृत घोषित कs देलस।

प्रशांत बोस के गिरफ्तारी 12 नवंबर 2021 के झारखंड पुलिस के ओर से सरायकेला-खरसांवा जिला में चेकिंग के दौरान भइल रहे। ओह समय उनकर पत्नी शीला मरांडी संगही गिरफ्तार भइली। ऊ मूल रूप से पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिला के निवासी रहे।

प्रशांत बोस माओवादी संगठन में बहुत बड़ नाम रहे आ देस के दूसरका नंबर के नेता मानल जात रहे। बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना आ महाराष्ट्र जइसन कइयन राज्यन में उनकर गतिविधि रहे। ऊ भाकपा (माओवादी) के गुरिल्ला आर्मी के नेतृत्व करत रहलें।

1990 के दशक से ओकर सक्रियता बढ़ल आ हत्या, साजिश आ कइयन गो बड़ माओवादी हमला में ओकर नाम सामने आइल। सारंडा में 16 जवानन के शहादत जइसन घटना में ओकरा पs आरोप लागल रहे।

जेल प्रशासन बतवलस कि शव के पोस्टमार्टम करावल जा रहल बा आ ओकरा के 72 घंटा खातिर शीतगृह में राखल जाई। जानकारी के मोताबिक, ओकरा परिवार में अब कवनो करीबी सदस्य मवजूद नइखे। ओकर एगो भाई अमेरिका में बा, जेकरा के सूचना देवे के कोसिस कइल जा रहल बा।

प्रशासन कहले बा कि जदि 72 घंटा के भीतर कवनो परिजन शव लेवे ना आई, तs पूरा सम्मान के संगे प्रशासन खुदे अंतिम संस्कार कराई।

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