सेंट्र्रल डेस्क। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला में नक्सल विरोधी मुहिम के तहत सुरक्षाबलन के बड़ी कामयाबी मिलल बा। सीपीआई (माओवादी) के उत्तरी बस्तर समिति के डीवीसीएम मल्लेश, पार्टी सदस्य रानू पोडियाम आ माओवादियन के सहयोगी मासी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कइले बा लोग। मासी के पास से एके-47 रायफल भी बरामद भइल बा। तीनों जने कांकेर के पुलिस अधीक्षक के सामने हथियार डाल के मुख्यधारा में लौटे बाड़े।
पुलिस अफसरन के मुताबिक, आत्मसमर्पण आ पुनर्वास के प्रक्रिया जारी बा। प्रशासन के ओर से इन सरेंडर कइले माओवादियन के सरकार के पुनर्वास नीति के तहत सुविधा देवे के तैयारी कइल जात बा। साथे ई भी संभावना जतावल जा रहल बा कि आने वाला दिनन में कांकेर आ आसपास के इलाकन से अउरी माओवादी कैडर भी सरेंडर कर सकेलें।
बतावल जात बा कि साल 2003 से माओवादी संगठन से जुड़ल मासे बरसा उर्फ मासी दंडकारण्य, अबूझमाड़ आ उत्तरी बस्तर के जंगल इलाकन में सक्रिय रहल बाड़ी। कई बरिस तक जंगल में रह के नक्सली गतिविधियन में शामिल रहल मासी अब हिंसा के रास्ता छोड़ के समाज के मुख्यधारा में लौटे के फैसला कइली। एह फैसला के तहत ऊ जंगल के रास्ते हाथ में एके-47 लेके निकलली आ खुद कांकेर पुलिस के सामने समर्पण कर दी।
पुलिस अफसरन के कहना बा कि लगातार चल रहल दबाव, सुरक्षाबलन के सख्त कार्रवाई आ सरकार के पुनर्वास नीति के चलते माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़त जा रहल बा। कांकेर इलाका में हो रहल एह सरेंडर से साफ संकेत मिलत बा कि अब कई नक्सली हिंसा छोड़ के सामान्य जीवन जिए के राह चुन रहल बाड़े।







