कजरी पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध लोकगीत ह। इ सावन के महीना में गावल जाला। एह में श्रृंगार रस के प्रधानता होला। सावन के महीना आवते हर जगह हरियाली छा जाला, झूला पड़े लागेला आ एह खास मौका पs गावल गीत के कजरी लोकगीत कहल जाला।
गोरखपुर: भोजपुरी भाषा आ साहित्य खातिर समर्पित संस्था “यायावरी वाया भोजपुरी” के यूट्यूब चैनल पs आजु अतवार के परंपरागत कजरी गीत ” नईहर से भइया बोलाइब” रिलीज भइल ह।
मधुर आवाज से सजल इ गीत
मालूम होखे कि भोजपुरी परंपरागत कजरी गीत “संस्कृति पांडेय” के आवाज से सजल बा।म्यूजिक प्रोडक्शन के जिम्मा सुशांत देव आ रवि शंकर विश्वकर्मा निभवले बाड़े। फिल्मांकन के जिम्मा वन शॉट फिल्म्स के टीम निभवले बिया जेमे सुमित तिवारी आ सुधांशु प्रमुख बाड़े। एह पारम्परिक गीत में ‘सौम्या त्रिपाठी’ आ ‘ प्रशांत उपाध्याय अभिनय कइले बाड़े लो।
कजरी गीत आ गइल बा, जरूर सुनीं सभे… पसन आवे तs शेयर करीं…
भोजपुरी के पहिला स्टोरीटेलिंग ऐप हs “यायावरी वाया भोजपुरी”
बता दीं कि भोजपुरी के पहिला स्टोरी टेलिंग ऐप “यायावरी वाया भोजपुरी” अपना ऐप पs देस-बिदेस के कहानियन के सुनावे खातिर जानल जाला। एकरा संगे यूट्यूब चैनल पs हर महीना पारंपरिक, लोक संस्कृति आ भक्ति रस से भरल गीतन के निर्माण कs के यूट्यूब चैनल के माध्यम से आम जनता तक पहुंचावे के काम संस्था द्वारा कइल जाला।