नई दिल्ली। INS तारागिरी आ INS अरिदमन आज भारतीय नौसेना में सामिल हो गइल बा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम में आयोजित कार्यक्रम में ई दुनो युद्धपोत देस के समर्पित कइले बाडें।
एह समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी आ सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित कइयन गो वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मवजूद रहे लाेग।
ई दुनो युद्धपोत भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17A के तहत बनावल गइल बा, जवन आधुनिक स्टेल्थ तकनीक से लैस बा। INS अरिदमन समुंदर के गहराई में छिप के दुश्मन पs हमला करे में माहिर बा, जबकि INS तारागिरी सतह पs तेज रफ्तार आ आधुनिक हथियार के संगे दुश्मन के जवाब देवे खातिर तइयार बा।
INS तारागिरी के खासियत
INS तारागिरी प्रोजेक्ट 17A के चउथा ताकतवर युद्धपोत हs, जवन पूरा तरे से भारत में बनल बा। करीब 6,670 टन वजन वाला ई जहाज “मेक इन इंडिया” के मजबूत उदाहरण बा।
एह जहाज में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, MF-STAR रडार, MRSAM एयर डिफेंस सिस्टम, 30mm आ 12.7mm गन सिस्टम लगावल गइल बा। एकरा संगे पनडुब्बी रोधी ऑपरेशन खातिर रॉकेट आ टॉरपीडो मवजूद बा, जवन एकरा के आउर खतरनाक बनावेला।
अपना स्टेल्थ तकनीक के चलते ई रडार से बचे में सक्षम बा आ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के मजबूत रक्षा कवच बन सकेला।
INS अरिदमन के खासियत
INS अरिदमन भारत के एडवांस न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) हs। एकर सबसे खास बात बा कि एकरा में 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब बा, जवन K-4 आ K-15 जइसन लमहर दूरी के मिसाइल ले जा सकेला।
ई पनडुब्बी समुंदर के गहराई में रह के दुश्मन पs कवनो समय जवाबी परमाणु हमला करे में सक्षम बा।
करीब 125 मीटर लंबाई आ 7,000 टन वजन वाला ई पनडुब्बी विशाखापत्तनम में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी व्हीकल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत बनावल गइल बा।
भारत के बढ़त समुद्री ताकत के देखत, ई दुनो युद्धपोत नौसेना के क्षमता में बड़ इजाफा करी आ देस के सुरक्षा के आउर मजबूत बनाई।








