सेंट्रल डेस्क। दुनिया भर में कच्चा तेल के दाम तेजी से बढ़ला के बीच भारत सरकार ईंधन निर्यात पs लागे वाला विंडफॉल टैक्स में बढ़न्ती कs देले बिया। ई फैसला ओह समय लिहल गइल बा जब ईरान जंग आ होर्मुज जलडमरूमध्य के अगरी-कगरी सप्लाई में दिक्कत से ग्लोबल तेल बाजार पs दबाव बढ़ गइल बा।
वित्त मंत्रालय के जारी नोटिफिकेशन के माेताबिक, डीजल आ विमानन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पs टैक्स में भारी बढ़न्ती कइल गइल बा।
डीजल आ एटीएफ पs बढ़ल टैक्स
- डीजल: अब डीजल निर्यात पs टैक्स 21.5 रुपिया प्रति लीटर से बढ़ाके 55.5 रुपिया प्रति लीटर कs दिहल गइल बा।
- एटीएफ (विमानन ईंधन): एटीएफ पs टैक्स 29.5 रुपिया से बढ़ाके 42 रुपिया प्रति लीटर कs दिहल गइल बा।
- पेट्रोल: पेट्रोल निर्यात पs अभियो पूरा छूट बरकरार बा।
भारत एटीएफ के बड़ निर्यातक देस हs, एकरा से टैक्स में बदलाव से रिफाइनरी आ एयरलाइंस दुनो पs सीधा असर पड़ेला।
विमानन क्षेत्र पs बढ़त दबाव
कच्चा तेल महंगा होखला से एयरलाइंस के लागत बढ़ गइल बा। एह हालात में सबसे बड़ खतरा बा कि हवाई किराया बढ़ सकेला, जवना के बोझ आम यात्रियन पs पड़ सकेला।
यात्रियन के राहत खातिर सरकार के तइयारी
सरकार एयरलाइंस आ यात्रियन के राहत देवे खातिर कइयन डेग पs विचार करत बिया:
- वैट घटावे के योजना: राज्य सरकार से एटीएफ पs लागे वाला टैक्स (वैट) कम करे के बात चल रहल बा, खास कs के दिल्ली आ महाराष्ट्र जइसन राज्य में।
- एयरपोर्ट शुल्क कम कइला पs विचार: सरकार एयरपोर्ट से जुड़ल कुछ शुल्क घटावे के विकल्प पs सोचत बिया, ताकि एयरलाइंस के खरचा कम हो सके।
आगे के स्थिति
जब तक दुनिया में तेल के दाम ऊंचा रहिहे, तब तक विमानन क्षेत्र पs दबाव बनल रही। हालांकि, सरकार के उठावल डेग से आगे चलके एयरलाइंस आ आम लोगन के कुछ राहत मिले के उम्मेद बा।









