सरकार सुक के लोकसभा में बतवलस कि हाल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सर्वर के हैक कइल गइल एगो ‘साइबर हमला’ रहे बाकिर हैकर्स कवनो फिरौती के मांग ना कइल गइल रहे।
लोकसभा में सुशील कुमार सिंह, अदूर प्रकाश, पोन गौतम सिगामणि, साजदा अहमद, एंटो एंटनी, जय प्रकाश, हनुमान बेनीबाल आ राकेश सिंह के पसवाल के लिखित्त उत्तर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ भारती पवार ई जानकारी देली।
ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन के कइल गइल रहे होस्ट
ऊ बतवली कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा साइबर हमला के घटना के संबंध में कानून के संबंधित धारा के तहत दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ में प्रथम(पहिला) सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) संख्या 349/22 दर्ज कइल गइल बा। पवार बतवलें कि एम्स, नई दिल्ली के पांच सर्वर पर ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन के होस्ट कइल गइल रहे आ गया ई साइबर हमला से प्रभावित भइल रहे।
ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन के अधिकांश कामन के कइल गइल बहाल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री बतवली, ” हैकर्स कवनो फिरौती के मांग ना कइले रहलें स, हालांकि सर्वर पर एगो संदेश पावल गइल रहे जवन बतावत बा कि ई एगो साइबर हमला रहे।” ऊ बतवली कि ई-हॉस्पिटल के खातिर सब डेटा के एगो बैकअप सर्वर से दोबारे: प्राप्त कs के नया सर्वरन पर बहाल कर दिहल गइल बा। पवार कहली कि अइसन एहिसे हो सकल, काहेकि बैकअप सर्वर अप्रभावित रहे। मंत्री बतवलें कि साइबर हमला के दु हफ्ता बाद ई-हॉस्पिटल एप्लिकेशन के अधिकांश कामन के बहाल कर दिहल गइल जेमे रोगी पंजीकरण, समय निर्धारण, भर्ती, डिस्चार्ज आदि सामिल बा।