आदिवासी वोटरन पर होई फोकस
भाजपा के एह यात्रा का मुख्य उद्देश्य आदिवासी वोटरन के साधे के बा। दरअसल, आदिवासी वोटर परंपरागत रूप से कांग्रेस के वोट देत आइल बानें। अब आम आदमी पार्टी इन वोटरन के लुभावे में जुटल बा। अइसे में भाजपा आपन यात्रा खातिर जौन रास्ता चुनले बानें, उनकर उद्देश्य अइसने वोटरन पर आपन पकड़ के मजबूत बनावे के बा।
तिसरा बेर गुजरात में ‘गौरव यात्रा’
ई तीसरा बेर ह कि भाजपा गुजरात में गौरव यात्रा शुरू करे जा रहल बा। एसे पहिले 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी 2002 सांप्रदायिक दंगाके बाद ई यात्रा निकलले रहलें। एकरे बाद 2017 के चुनावों में भी एही तरह के यात्रा लॉन्च कइल गइल रहे। दूनों ही बार फायदा भाजपा के भइल बा। 2002 में, भाजपा कुल 182 सीट में से 127 सीट जीतल रहे। उहवें, 2017 में पार्टी के 99 अउर कांग्रेस को 77 सीट मिलल रहे। राजनीतिक विशेषज्ञन के मानल बा कि दूनों गौरव यात्रा में मिलल फायदा से भाजपा उत्साहित बानें। उनके यकीन बा कि एकर फायदा एह बेर भी होई।
द्वारका से होई यात्रा के शुरुआत
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारका से एह यात्रा के शुरुआत करिहें। यात्रा के दूसरा मार्ग मेहसाणा जिला के बहूचराजी से होई। एह दौरान पूर्व डिप्टी सीएम नितिन पटेल मौजूद रहिहें। एकरे अलावा गुरुवार के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अन्य तीन मार्ग पर यात्रा के सुरुआत लीहs।