‘ए प्लस प्लस’ के दर्जा पावे से उत्साहित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन अब अपना कॉलेजन के नैक मूल्यांकन खातिर ना खाली प्रेरित करे के योजना बनवले बा, बलुक ऊ ओकरा खातिर प्रशिक्षित करे के खाका खींच लेले बा।विश्वविद्यालय एगो सेल बनावे जा रहल बा, जवना के माध्यम से ऊ कॉलेजन के मूल्यांकन के तरीका बताई, एकरा के लेके प्रशिक्षितो करी। विश्वविद्यालय के कोसिस होई कि जल्दी से जल्दी ओकरा से सम्बद्ध सब कॉलेज नैक से मूल्यांकित होखे।
तीन-तीन कॉलेजन के ग्रुप बनाके कइल जाई प्रशिक्षित
योजना के मोताबिक जिलावार तीन-तीन कॉलेजन के एगो ग्रुप बनावल जाई आ प्रशिक्षित करे खातिर एगो टीम के जिम्मेदारी दिहल जाई। एह टीम में विश्वविद्यालय के लोग तs सामिल रहबे करी, जेकरा कोसिस से ‘ए प्लस प्लस’ मिलल बा, संगही नैक के विशेषज्ञन के ओमे जगह दिहल जाई। टीम के मदद से कालेज नैक में प्रस्तुति खातिर एसएसआर (सेल्फ स्टडी रिपोर्ट) तइयार करी आ विश्वविद्यालय के सोझा प्रस्तुत करी। विश्वविद्यालयन के संतुष्टि के बाद ओकर नैक के वेबसाइट पs अपलोड कइल जाई। विश्वविद्यालय कालेजन खातिर नैक मूल्यांकन के अनिवार्यता के नियमो बनावे जा रहल बा।
नैक मूल्यांकन ना तs परीक्षा सेंटर ना
कालेजन के सामने विश्वविद्यालय नैक मूल्यांकन के लेके एगो शर्त राखे जा रहल बा। शर्त के मोताबिक जवन कालेज नैक मूल्यांकन ना कराई, परीक्षा के सेंटर ना बनावल जाई। ओकरा के विश्वविद्यालय के ओर से आउर कवनो मदद ना कइल जाई। एकरा के लेके लापरवाही बरतला पs कालेजन के संंबंद्धता जारी रखलो पs विचार कइल जाई।
सेल में सामिल होई लो नैक के विशेषज्ञ
विश्वविद्यालय नैक मूल्यांकन के लेके कॉलेजन के मार्गदर्शन के लेके जवन सेल बनावे जा रहल बा। ओमे विश्वविद्यालय के शिक्षकन के अलावे नैक विशेषज्ञन के जगह दिहल जाई। एह सेल से प्रशिक्षण खातिर टीम मांगला पs कालेजन के एगो निश्चित फीस जमा करे के होई । ओकरा बाद सेल कालेज के क्षमता के मोताबिक तीन भा चार सदस्यीय टीम कालेजन के प्रशिक्षण देवे खातिर भेजी।
का कहत बाड़ें कुलपति
डीडीयू गोवि के कुलपति प्रो. राजेश सिंह बतवलें कि कॉलेजन के नैक मूल्यांकन खातिर तइयार करे के एगो योजना बनावल गइल बा। बाकायदा एकरा खातिर उनका के प्रशिक्षण दिहल जाई। नैक विशेषज्ञन से लैस प्रशिक्षण सेल के गठन कइल जा रहल बा। बिना नैक मूल्यांकन के कॉलेज विश्वविद्यालय के संगे लंबा सफर ना तय कs सकी लोग।
साभार: दैनिक जागरण