बनारसः पहिला हाली IVF से गंगातीरी बछियन भईल जनम !

Minee Upadhyay

 

 

ख़बर भोजपुरी वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के शहंशाहपुर स्थित फार्म हाउस (संरक्षण केंद्र) से गंगा किनारा वाला गांवन खातिर खुशियन के सनेस आइल बा । इ केंद्र देश के पहिला केंद्र बन गईल बा, जवन भ्रूण स्थानांतरण तकनीक (ईटीटी) अवुरी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के इस्तेमाल से उच्च गुणवत्ता वाला गंगातीरी गाय के प्रजनन करेला। इहाँ एक हफ्ता पहिले ईटीटी अवुरी आईवीएफ के माध्यम से दुगो गंगातीरी बछड़ा (मादा) के जन्म भईल रहे। गंगातीरी नस्ल मुख्य रूप से पूर्वी यूपी आ बिहार में पावल जाले। गंगा के किनारे प्राकृतिक आवास के कारण एकर नाँव गंगातीरी राखल गइल बा। वाराणसी शहर से दूर आराजी लाइन ब्लॉक के शहंशाहपुर में स्थित फार्म हाउस में पीएम नरेंद्र मोदी के दौरा के बाद गंगातीरी के प्रचार अवुरी संरक्षण के काम तेजी से शुरू भईल, अवुरी ए प्रजाति के वीर्य बैंक बनवला के बाद अब ‘टेस्ट ट्यूब’ बछिया’ शुरू हो गइल बा। पहिला बेर आईवीएफ तकनीक के माध्यम से बेहतर नस्ल के गंगातीरी अवुरी जादा दूध देवे वाला बछड़ा के उत्पादन के प्रक्रिया में लैब में भ्रूण तैयार कईल गईल अवुरी 14 गो गायन पs सरोगेसी के इस्तेमाल कईल गईल। एहमें दू गो गर्भ सफल भइल आ बछड़ा पैदा भइल।

सरकारी पशुधन एवं कृषि क्षेत्र (अरजी लाइन) के टेस्ट ट्यूब केन्द्र के प्रभारी डॉ. गौरव तिवारी बतवले कि ईटीटी आ आईवीएफ के इस्तेमाल दोसरा नस्ल के गाय के प्रजनन खातिर कइल गइल बा, बाकिर गंगातीरी नस्ल के गाय खातिर इ अभी शुरुआत बा। एह तकनीक में विशिष्ट गंगाथिरी गाय के चयन के बाद उच्च गुणवत्ता वाला वीर्य (90 प्रतिशत वाई गुणसूत्र हटावल) के इस्तेमाल अंडा के इन-विवो (शरीर के भीतर) निषेचित करे खातिर कईल गईल। सात दिन बाद दाता गाय से भ्रूण निकाल के सरोगेट गाय में स्थानांतरित कईल गईल जवन कि उच्च फिटनेस के ना रहे। एह सब के नतीजा में पुरुष बच्चा के बजाय महिला बच्चा पैदा भईले, जवना के आनुवंशिक योग्यता जादा बा।पूर्वी उत्तर प्रदेश के 30 जिला अवुरी बिहार के बहुत इलाका के पशुपालक के फायदा होई।

यूपी में पूर्वांचल से लेके बिहार तक हर घर में गंगातीरी गाय पोसल जात रहे। बाकिर संकर प्रजनन आ अधिका दूध पैदा करे वाली गायन के प्रजनन का चलते ई प्रजाति भुला गइल। एह गायन के खासियत ई बा कि ई बहुते दूधिया होखेली।

 

 

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