Malti Joshi Passes Away: प्रसिद्ध कथाकार मालती जोशी 90 साल के उमिर में दुनिया के कइली अलविदा

Minee Upadhyay
The President, Shri Ram Nath Kovind presenting the Padma Shri Award to Smt. Malti Joshi, at the Civil Investiture Ceremony, at Rashtrapati Bhavan, in New Delhi on March 20, 2018.

 

पद्मश्री से सजल लोकप्रिय कहानीकार मालती जोशी के बुध के दिने दिल्ली में निधन हो गइल. उनुकर उमिर 90 साल रहे। उनकर बेटा ऋषिकेश आ सच्चिदानंद जोशी (सदस्य सचिव, इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स) आ पतोह अर्चना आ मालविका उनकर आखिरी पल में उनका साथे रहले लो। कुछ समय से उs आइसोफेगस के कैंसर से पीड़ित रहली।

उनुका निधन पs गहरा दुख जतावत भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक रहल प्रोफेसर संजय द्विवेदी कहले कि पचास से अधिका हिंदी आ मराठी कहानी संग्रह के लेखिका मालती जोशी के हिंदी के सबसे लोकप्रिय कहानीकारन में गिनल जाला.

उहाँ के कहानी कहे के बेजोड़ शैली खातिर जानल जात रहनी। देश के कई गो विश्वविद्यालयन में उनकर साहित्य पs शोध के काम हो चुकल बा। उनकर कहानी जगत में भारतीय परिवार, रिश्तन आ मूल्यन के गहिराह समझ देखावल गइल बा.

इनकर जनम 4 जून 1934 के महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के एगो मध्यम वर्गीय मराठी परिवार में भइल रहे। किशोरावस्था से ही लिखे लगनी। खास बात ई बा कि मालती जोशी के लेखन के शुरुआत भी कविता से भइल।

उहाँ के पहिला कहानी ‘धर्मयुग’ में साल 1971 में भेजल गइल रहे, जवना के प्रकाशन के बाद उहाँ के भारतीय साहित्य खास कर के हिंदी जगत के पाठकन के पसंदीदा लेखिका बन गइली। ई दोसर बात बा कि समय के साथ मराठी, उर्दू, बंगाली, तमिल, तेलुगु, पंजाबी, मलयालम, कन्नड़ के साथेअंग्रेजी, रूसी आ जापानी भाषा में उनकर कहानी के अनुवाद आ प्रकाशन भइल बा। अपना स्वाभाविक, सरल आ संवेदनशील भाषा से मालती जोशी हिन्दी कथा में अपना खातिर एगो अनूठा पहचान बनवली.

 

 

 

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