करीम सिटी कॉलेज में सत्यजित राय के स्मृति में व्याख्यान के आयोजन

By Anurag Ranjan

Published on: May 3, 2024

  करीम सिटी कॉलेज के साकची परिसर के सभागार में बियफे के दिने “सत्यजीत राय स्मृति व्याख्यान” के आयोजन भइल. एहमें “सत्यजित राय का अपूर्व संसार”” नाव के एगो किताब के विमोचन भइल. एहमें कुल

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करीम सिटी कॉलेज के साकची परिसर के सभागार में बियफे के दिने “सत्यजीत राय स्मृति व्याख्यान” के आयोजन भइल. एहमें “सत्यजित राय का अपूर्व संसार”” नाव के एगो किताब के विमोचन भइल. एहमें कुल 41 गो साहित्यकारन के लेख संकलन भइल बा.

करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग के ओर से आयोजित एह कार्यक्रम के आयोजन साहित्यिक संस्था “सृजन संवाद”, “साहित्य कला फाउंडेशन” आ “नई दिल्ली फिल्म फाउंडेशन” के सहयोग से भइल. एह दौरान अतिथि लोग द्वारा संपादित किताब पढ़ल गइल फिल्म निर्देशक सत्यजित राय पs आधारित विजय शर्मा के संपादित पुस्तक विमोचन भइल, ई किताब दू भाग में लिखल गइल बा.

भारतीय सिनेमा में सत्यजित राय के बड़ मुकाम

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मशहूर कहानीकार अवुरी वरिष्ठ साहित्यकार चंदन पांडेय डॉ. विजय शर्मा के संपादित “सत्यजित राय का अपूर्व संसार” नाव के किताब के जिक्र करत उs कहले कि “एह में बहुत बढ़िया अवुरी महत्वपूर्ण लेख बा। कवनो कलाकार खातीर हमेशा राजनीतिक रूप से सही रहल बहुत चुनौतीपूर्ण काम होखेला। हमनी के लागता कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पs जवना तरह से पूरा देश के हर गांव में अस्थि कलश भेजल गईल, ई पहिला बेर भइल, बाकीर एकरा से पहिले भी नायक बनावे के प्रयास भईल बा, असलियत इs बा कि महात्मा गांधी के हत्या के बाद तत्कालीन सरकार में भी देश में जवन भावना पैदा भईल ओकरा के दिशा देवे के कोशिश कईलस। कबो-कबो इतिहास के आगे बढ़े खातीर धक्का देवे के पड़ेला। धक्का से पैदा होखे वाला गति अतना तेज होला कि कबो-कबो ऊ हमनी के कुचल सकेला, बाकिर सबले बड़का हुनर ​​तालमेल बना के राखल होला.”

 

एह कार्यक्रम में नई दिल्ली फिल्म फाउंडेशन के महासचिव आशीष कुमार सिंह ऑनलाइन भाग लिहले. सत्यजित राय पs बोलत ऊ अपना संबोधन में कहले कि “सत्यजित राय के फिलिमन में सगरी किरदारन के पर्याप्त महत्व दिहल गइल बा. बहुत लोग के मानना ​​बा कि भारतीय सिनेमा के कल्पना सत्यजित राय के फिलिमन के बिना अधूरा बा इतिहास के अलग अलग दौर उनुका फिलिमन में देखे के मिलेला. कहल जाला कि साहित्य समाज के दर्पण हs।” एह कार्यक्रम के अध्यक्षता पूर्व संयोजक आ मैथिली सलाहकार समिति, साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के संयोजक रहल आ एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार अविचल कइले.

कार्यक्रम में स्वागत संबोधन करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज दिहले. उs सत्यजित राय के फिल्म पाथेर पांचाली अवुरी झारखंड के संबंध के जिक्र कईले। कार्यक्रम के संचालन करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभागाध्यक्ष आ अंग्रेजी विभाग के वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. नेहा तिवारी कइली. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन साहित्य कला फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी डॉ. क्षमा त्रिपाठी द्वारा दिहल गइल।

 

 

 

 

 

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