आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य कहलें कि सोशल मीडिया पर हो रहल दुष्प्रचार पर ध्यान न देवें। एहपर होखे वाले बहस के हिस्सा स्वयंसेवक न बनें। लोग ले सही बात पहुंचवलें के काम करें। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार विभाग के दू दिवसीय आंतरिक बैठक के समापन अतवार के भइल। कोईराजपुर स्थित संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल में बैठक के बाद सब पदाधिकारी लोग बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन कइल।
बैठक में सह सर कार्यवाह कहलें कि समाज के स्थानीय समस्या के ज्ञान होखे के चाहीं। स्कूली शिक्षा के संगे-संगे सामाजिक अउरी आध्यात्मिक शिक्षा भी होखे के चाहीं। परिकल्पना के दृष्टि से संघ अउरी हिंदू समाज एक दुसरा में फइलल बा अउर मनोवैज्ञानिक दृष्टि से ऊ एकात्म बा। संघ के साधना के समाजव्यापी कइल, इहे लक्ष्य होखे के चाहीं। समाज के प्रभावी लोग के विशेषता, सक्रियता, उपलब्धि, समाज में योगदान आदि के जानकारी इकट्ठा कइल अउर ओके संघ के विचार कार्य आदि के जानकारी देवे के चाहीं।
उ कहलें, भारतीय संस्कृति अउर परंपरा में कुटुंब के विशेष महत्व होला। पश्चिम चिंतन मानsला कि समाज के सबसे छोट इकाई व्यक्ति हवे। भारतीय चिंतन के मान्यता ह कि उ कुटुंब ह। बरिस 2025 में संघ अपने स्थापना के सौ वर्ष पूरा कs रहल बा। शेष तीन बरिस में होखे वाली कार्ययोजना पर चर्चा कइल गईल।
बैठक में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, असाम, अरुणाचल, जम्मू-कश्मीर आदि प्रांत के लोग शामिल रहलें। बैठक में सह सर कार्यवाह अरुण कुमार, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, सह प्रचार प्रमुख आलोक कुमार समेत देश भर के संघ के 50 से अधिक प्रांत के लगभग 200 प्रांतीय प्रचार प्रमुख शामिल रहलें। सोमार के भी चुनिंदा पदाधिकारियन के बैठक होई।