देवरिया जिला के मुंडेराचंद चौराहा पर मुख्य नहर टूटला से तीन गांव के किसानन के करीब 70 एकड़ फसल डूब गइल बा। शनिचर के सुबह किसान लोग जुट के नहर बांधल। फसल बर्बाद होखले से किसान परेशान बानें। ऊ एके विभाग के लापरवाही बता के आक्रोश जता रहल बानें। स्थानीय चौराहा पर नहर पs पुल बन रहल बा। एहलिए नहर के बांध दिहल गइल रहे। एहसे पानी आगे नाइ बढ़ पावल अउर रात के नहर टूट गइल।
देसही देवरिया क्षेत्र के मुंडेराचंद चौराहा पर (देवरिया – हेतिमपुर मुख्य मार्ग) नहर पर पुल निर्माण कार्य चल रहल बा। विभाग के तरफ से कुछ महीना पहिलही उहां नहर के मशीन लगा के बांध दिहल गइल रहे। अब नहर में पानी अइले पर भी नहर विभाग के तरफ से उहां नहर में न पाइप डारल गइल न ही पानी आगे जाए खातिर खोलल गइल। सुक्क के रात पानी अउर ज्यादा अइले के वजह से दबाव बढ़ले पर नहर टूट गइल।
एहसे मुंडेरा चंद, डुमरी एखलाश अउर भटनी बुजुर्ग सहित तीन ग्रामसभा के किसानन के 70 एकड़ के करीब फसल पानी में डूब गइल। शनिचर के सुबह किसान आपन फसल के डूबल देखल लोग त हैरान हो गइल लोग। कड़ाका के ठंड में ऊ खुदही नहर के बंधने लोग। लोग के नाराजगी देखत जिम्मेदार लोग उहां पाइप लगा के नहर में पानी के सप्लाई आगे बढ़ावल।
सुरेश चंद, नितेश चंद, विनय चंद, उमेश सिंह, परमहंस सिंह, जोगी गुप्ता, उमेश गुप्ता, राम धनी सिंह, कपिल, वशिष्ठ, काशी, नत्थू, जगदीश गुप्ता, छोटेलाल, दिग्विजय, मार्कण्डेय तिवारी, आलोक सिंह, लालजी सिंह सहित किसान लोग के आरोप बा कि सिचांई विभाग समय रहत पानी आगे निकलले के व्यवस्था कs दीहल गइल होत त उनकर फसल एह तरे बर्बाद नाइ भइल रहत। पहिले नहर सूखल रहे। अइसे में किसान निजी साधन से खेत के बुवाई अउर सिंचाई कइले रहनें। अब जब नहर में पानी आइल त उनकर गाढ़ मेहनत से बोअल गइल फसिलिये बर्बाद हो गइल। एहसे नाराज किसान लोग मुआवजा के मांग कइले बा।