बलिया के जिला अस्पताल में 2 दिन में 34 मौत :CMS बोललें- गरमी के कारण मरीजन के संख्या बढ़ल, इलाज के दौरान गइल जान

Anurag Ranjan

बलिया के जिला अस्पताल में 2 दिनन में 34 लोगन के मौत भइल बा। एमे जादेतर उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन आ डायरिया के मरीज बा लो। CMS के मोताबिक, तेज गरमी के चलते मरीजन के संख्या में इजाफा भइल बा। आम दिनन में इहां हर दिन मरे वालन के संख्या 10 से कम रहेला। जिला में टेम्प्रेचर 43 डिग्री के आसपास रह रहल बा।

15 जून के भइल रहे 23 मौत

जिला अस्पताल के CMS डॉ. दिवाकर सिंह के कहनाम बा, “जिला अस्पताल में 15 जून के 23 मौत भइल रहे। ओहिजा, 16 जून के 11 मौत भइल रहे। ई लोग जब अस्पताल ले आवल गइल रहे, तब सभे के हालत गंभीर रहे। जेकर इलाज कइल जात रहे। मरे वाला अधिकतर लोग 50-60 साल के बीच में रहे।”

सरकारी अस्पतालन के सब बेड फुल

CMS के कहनाम बा, एह समय अस्पताल में डायरिया आ लू के मरीजन के संख्या सबसे जादा बा। सरकारी अस्पतालन के सब बेड फुल बा। 1 हफ्ता में जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आवे वाला अधिकतर मरीजन के मौत हो जात रहे। अस्पताल में सब मरीजन के समय पs इलाज दिहल जा रहल बा।”

CMS बतवलें कि अस्पताल में गरमी से राहत खातिर पंखा, कूलर आ AC के बेवस्था कइल गइल बा। डॉक्टर, पैरा मेडिकल के टीम तैनात बा। मरीजन के संख्या में लगातार इजाफा हो रहल बा। बतावल गइल बा कि हमनी के लगे पर्याप्त मात्रा में दवा बा।

16 जून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रेस नोट जारी कs के बतवलें कि 15 के कुल 23 आ 16 के 11 मौते भइल बा।

पूर्वी यूपी में तापमान 40 डिग्री के पार

प्रदेश में पिछला 1 हफ्ता से लगातार हीटवेव चल रहल बा। कइयन जिलन में तापमान 45 डिग्री क्रॉस कs चुकल बा। हालांकि, पश्चिमी यूपी में बिपरजॉय के वजह से तापमान में गिरावट आइल बा।

सुक के कुछ जिलन में हलका बरखो भइल रहे। बाकिर, पूर्वी यूपी के तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच बनल आ रहल बा। एसे लोग घरन में कैद होके रह गइल बा। मौसम विभाग के मोताबिक, अगिला 2 दिनन में पूर्वी यूपी में आंधी के संगे हलका बरखो हो सकत बा। ओहिजा पश्चिमी यूपी में बरखा के संभावना बा।

ओहिजा, बलिया के बात करीं, तs पिछला 4 दिनन में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गइल बा। बड़ बात ई बा कि मिनिमम टेम्प्रेचर बहुते बढ़ गइल बा। ई 29 डिग्री तक पहुंच गइल बा। एह दौरान 25 किमी. प्रति घंटा के रफ्तार से गरम हवा चल रहल बा।

डॉक्टरन के मोताबिक, मिनिमम टेम्प्रेचर बढ़ला से उमस जादे बढ़ जाला। एसे कवनो तरे के बेमारी वाला व्यक्ति के बेचैनी होखे लागेला। खास कs के सांस, उल्टी, दस्त आ बोखार के मरीजन के। जिला अस्पतालो में अइसने मरीजन के संख्या जादे आ रहल बा। हीटवेव से तेज बुखार, उल्टी, दस्त आ बुजुर्ग मरीजन के संख्या बढ़ रहल बा। एमे से कइयन गो अइसन बा लो, जे अस्पताल ले आवे से पहिलही रस्ता में दम तुड़ दे रहल बा लो।

जादे से जादे पानी वाला फलन के सेवन करीं

डॉक्टरन के कहनाम बा कि गरमी से बचे खातिर जादे से जादे पानी के सेवन करते रहीं। पानी वाला फलन के सेवन करीं। खाली पेट एकदमे मत रहीं। बहुत जरूरी होखे तबे घर से निकली। तनियो परेसानी होखला पs तुरंत चिकित्सक से सलाह लीं। लईकन आ बुजुर्गन के विशेष धेयान रखीं।

हीट स्ट्रोक के कारण-

  • हीट स्ट्रोक तेज धूप(घाम) भा जादे गरमी/तापमान के कारण होला। बाकिर हीट स्ट्रोक के अउरियो कइयन गो कारण होला।
  • डिहाइड्रेशन ,थायराइड में असंतुलन पैदा होखल। देह में ब्लड शुगर में कमी आइल।
  • शराब के सेवन से, उच्च रक्तचाप भा अवसाद आदि के उपचार में इस्तेमाल कइल जाये वाला दवा के वजह से हीट स्ट्रोक होला।

हीट स्ट्रोक के लक्षण-

  • रउआ तेज बुखार हो जाये।
  • राउर रक्त चाप अचानक से कम होखे लागे।
  • गरमी के दिनन में भा तेज धूप में काम करे से जदि रउआ चक्कर आवे लागे भा उल्टी-मन खराब जइसन लागे लागे।

साभार: दैनिक भास्कर

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।