पाठकन के अइसन कवनो खबर से अपडेट रहल जरूरी बा जेमे गलत दावा कइल जा रहल बा। रउआ के बता दीं 2000 रुपिया के नोटन के वापस लेवे आ 1000 रुपिया के नोटन के फेर से पेश करे के सरकार के कवनो योजना नइखे। रउआ बता दीं सरकार डिमोनिटाइजेशन के तहत नवंबर 2016 में 1000 रुपिया के नोटन के बंद कs दिहल गइल रहे। एकरा जगह आरबीआई के तरफ से 2000 रुपिया के नया नोट जारी कइल गइल रहे।
भ्रामक संदेश के आगे ना बढ़ाई
केंद्र सरकार के आधिकारिक फैक्ट चेकर ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ (PIB Fact Check) लोगन के एह तरह के फर्जी आ भ्रामक संदेशन के फॉरवर्ड करे खातिर आगाह कइले बाड़ें। PIB Fact Check के तरफ से कइल गइल ट्वीट में बतावल गइल बा कि ई दावा फर्जी बा। कृपया एह तरह के भ्रामक संदेश के आगे ना बढ़ावल जाई, ई ट्वीट पीआईबी के तरफ से 16 दिसंबर के कइल गइल रहे। मैसेज में फेर से बतावल गइल कि सरकार के तरफ से 2000 रुपिया के नोट के वापस लेवे पs कवनो तरह के फैसला नइखे कइल गइल।
कवनो तरह के नया मांगपत्र नइखे दिहल
वित्त मंत्रालय के तरफ से हाले में संसद में एगो लिखित प्रश्न के उत्तर में कहल गइल कि साल 2018-19 के बाद से 2000 रुपिया के नोटन के छपाई खातिर प्रेस के सोझा कवनो नया मांगपत्र नइखे दिहल गइल । एकरा अलावे नकली नोटन के प्रचलन पs जानकारी देत वित्त मंत्रालय राज्यसभा में जवाब देले रहे कि फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में बैंकिंग प्रणाली में 2,30,971 नकली नोटन के पता चलल रहे।