बचपन में लाल कपड़ा देखा के ट्रेन के रोके के कहानी शुक्रवार के एगो किसान खातीर काम आईल। प्रयागराज-लखनऊ रेलवे लाइन पs लालगोपालगंज स्टेशन के लगे जब एगो किसान रेल पटरी टूटल देखलस त गंगा गोमती एक्सप्रेस के रोके खातीर माथा पs बान्हल गमछा के डंडe से बांध देले। पटरी के बगल में खड़ा होके उ लाल गमछा के लहरावत रहले, तब गंगा गोमटी एक्सप्रेस के लोको पायलट के समझ में आ गईल कि आगे कुछ अनहोनी हो गईल बा। बिना देरी कइले उ ट्रेन रोक दिहले। एह दौरान ट्रेन में बईठल सभ यात्री अवुरी रेलवे वाला किसान के ओर से देखाईल समझदारी के सराहना कईले।
प्रयागराज संगम स्टेशन से गंगा गोमटी एक्सप्रेस शुक्रवार के सबेरे 5.40 बजे लखनऊ खातिर रवाना भईल। फाफामऊ के प्रयाग जंक्शन पs रुक के ट्रेन के अगिला स्टॉप लालगोपालगंज रहे। उहाँ स्टेशन के पहिला खंभा नंबर 26/6 के लगे कुछ कारण से पटरी टूट गईल रहे। लालगोपालगंज के भोला का पुरा निवासी बब्बू नाम के किसान के नजर टूटल पटरी पs पड़ल। बब्बू पास में अपना खेत में धान देखे जात रहले। तबे इंजन के हॉर्न के आवाज सुनाई देलस।
बिना देरी कईले उ ट्रेन रोके खाती चिल्लाए लगले। माथा पs बान्हल लाल गमछा खोल के हाथ में धइले लाठी से बान्ह दिहलस। पटरी पs लहरात लाल कपड़ा देख के गंगा गोमती के लोको पायलट ले के एहसास हो गईल कि आगे कुछ गड़बड़ बा। उ ब्रेक लगा के ट्रेन के रोक देले। बतावल जा रहल बा कि अगर ट्रेन तेज रफ्तार से ओहिजा से गुजरल रहित त दुर्घटना हो सकत रहे।
बटोही किसान के बुद्धि के सराहना करत रहले। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के टीम मौका पs पहुंचल। एह दौरान ट्रेन करीब 45 मिनट तक उहाँ खड़ा रहे। बाद में सावधानी बरत के गंगा गोमटी के आगे ले जाइल गइल। किसान बब्बू बतवले कि बचपन में लाल कपड़ा देखा के ट्रेन रोके के कहानी पढ़ले रहले। आजु जब टूटल पटरी देख के उहे कहानी याद आ गईल।
रेल पटरी पs फ्रैक्चर एगो आम प्रक्रिया हवे। रेलवे टीम लगातार पटरी के निगरानी करेले। आजु लालगोपालगंज के पास पटरी पs दरार के बारे में जानकारी बा मिलल त, मरम्मत हो रहल बा।