तहरा के हम का बतलाई (भोजपुरी रचना)-दीपक सिंह के कलम से

Anurag Ranjan

मौसम जाने का बा एहरी
लागत बा कुछ फरका बदरी

सबकुछ से कइसे बच पाएब
कतना ले फइलाईं छतरी

तहरा के हम का बतलाईं
तू जानत हव बातिन सगरी

उखरल बानीं अपना मन में
हलचल कइसे लउकी बहरी

गदबेरा के रौनक में ही
लागेला कुछ नीमन शहरी

 

✍दीपक सिंह सिंह के परिचय

बिहार के सारण जिला के दीपक सिंह वर्तमान में कोलकाता रहत बानी। इहां के साहित्य के दुनिया में एगो उभरत नाम बानी। भोजपुरी के पत्र पत्रिकन में इहां के लिखल कविता आ गजल अक्सर छपत रहेला। भोजपुरी खातिर अपना दिल में एगो खास जगे राखे वाला दीपक सिंह के ई “खबर भोजपुरी” पs प्रकाशित पहिला रचना हs….

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।