मौसम जाने का बा एहरी
लागत बा कुछ फरका बदरी
सबकुछ से कइसे बच पाएब
कतना ले फइलाईं छतरी
तहरा के हम का बतलाईं
तू जानत हव बातिन सगरी
उखरल बानीं अपना मन में
हलचल कइसे लउकी बहरी
गदबेरा के रौनक में ही
लागेला कुछ नीमन शहरी
✍दीपक सिंह सिंह के परिचय
बिहार के सारण जिला के दीपक सिंह वर्तमान में कोलकाता रहत बानी। इहां के साहित्य के दुनिया में एगो उभरत नाम बानी। भोजपुरी के पत्र पत्रिकन में इहां के लिखल कविता आ गजल अक्सर छपत रहेला। भोजपुरी खातिर अपना दिल में एगो खास जगे राखे वाला दीपक सिंह के ई “खबर भोजपुरी” पs प्रकाशित पहिला रचना हs….