आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध करे खातिर 21 अगस्त के बोलावल गइल भारत बंद के असर वाराणसी में भी देखल गइल। बुध के दुपहरिया में बसपा कार्यकर्ता आ भीम आर्मी के कार्यकर्ता के भीड़ से सड़क पs जमा हो गइल। कार्यकर्ता जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन कइले आ राष्ट्रपति के संबोधित ज्ञापनो देले। एह दौरान कार्यकर्ता लो के पुलिस से झगड़ो हो गइल।
प्रदर्शनकारी हाथ में नीला झंडा आ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर आ मायावती के तस्वीर वाला प्लेकार्ड लेके जिला मुख्यालय पहुंचले आ आरक्षण के वर्गीकरण खतम करे के मांग जतवले। बसपा के जिला अध्यक्ष रवि कुमार एडवोकेट संविधान के नौवीं अनुसूची में आरक्षण के वर्गीकरण के संविधान के सूची में शामिल होखे के बात कहले। सरकार अइसन नइखे करत। सरकार के विशेष सत्र बोलावे के चाही आ आरक्षण के वर्गीकरण के फैसला के रद्द करे के फैसला लेवे के चाही।
दूसर ओर रामनगर में समाजवादी पार्टी के ओर से फुट मार्च निकालल गइल। मार्च करत कार्यकर्ता पीडीए यूनिटी जिन्दाबाद, सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला पर फेर से विचार करे, पिछड़ल दलित के अधिकार आ अधिकार पs हमला कइल बंद करऽ, कोटा आरक्षण देके बंटवारा के राजनीति बंद कर देव आदि नारा लगावत रहले किला से शुरू भइल मार्च शहर में समाप्त हो गइल।
वक्ता लोग के कहनाम बा कि कॉलेजियम सिस्टम बंद कर दीं, पार्श्व प्रवेश बंद कर दीं, ना तऽ देशव्यापी बंदी आगे जारी रही। आखिर में एगो बइठक भइल। एह दौरान पिछड़ा प्रकोष्ठ महानगर अध्यक्ष विवेक कहार, महिला सभा महानगर अध्यक्ष आरती यादव, पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र मलिक, पूर्व पार्षद संजय यादव, विनोद यादव, रामबाबू सोनकर आदि मौजूद रहले।