बाहुबली नेता आ यूपी के पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के निधन , गोरखपुर में 90 बरीस के उमिर में लिहलन आखिरी साँस

Minee Upadhyay

 

पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के निधन : पूर्वांचल के राजनीति में अहम भूमिका निभावे वाला पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के मंगलवार के निधन हो गईल। उ 90 साल के उमर में गोरखपुर के अपना आवास (हाटा) पे अंतिम सांस लेले। काल्ह उनकर आखिरी संस्कार होई।

उत्तर प्रदेश सरकार में पांच बेर के कैबिनेट मंत्री अवुरी राजनीतिक दिग्गज पंडित हरिशंकर तिवारी के 90 साल के उमर में निधन हो गईल। मंगलवार के सांझ के उ अपना आवास पे अंतिम सांस लेले। उनुका निधन के खबर मिलते उनुका धर्मशाला के आवास पे समर्थक के भीड़ जुट गईल। उ अपना पीछे दुगो बेटा अवुरी एगो बेटी छोड़ गईले। उनुका निधन के खबर मिलते उनुका घर अवुरी गोरखपुर हाटा पे समर्थक के भीड़ जुट गईल।

बुधवार के सबेरे उनुकर पार्थिक शरीर दर्शन खातीर हाटा परिसर में राखल जाई। एकरा बाद बड़हलगंज में स्थित गाँव टांडा ले जाइल जाई। ओहिजा से पार्थिक शरीर के देखे खातिर नेशनल इंटर कॉलेज में राखल जाई। एह कॉलेज के मैनेजर भी रहल बाड़े। उनुकर अंतिम संस्कार बड़हलगंज के मुक्तिधाम में होई।

बता दीं कि पूर्वांचल के ब्राह्मणन में बढ़िया प्रभाव राखे वाला पंडित हरिशंकर तिवारी अइसन व्यक्तित्व रहले, जे पांच बेर कैबिनेट मंत्री रहले। राज्य में कवनो राजनीतिक दल के सरकार आईल, उ उनुका के उनुका मंत्रिमंडल में जगह दे देलन। अगर छह बेर विधायक रहलें त पाँच बेर मंत्रिमंडल मंत्री बने के मौका मिलल।

हरिशंकर तिवारी 1985 में निर्दलीय के रूप में पहिला चुनाव लड़ले रहले, ओकरा बाद अलग-अलग राजनीतिक दल के टिकट पे चुनाव लड़ले अवुरी जीतले रहले। उ कांग्रेस के टिकट पे चुनाव लड़ के तीन बेर जीतले अवुरी यूपी सरकार में मंत्री भी बनले। साल 2007 के चुनाव में बसपा राजेश त्रिपाठी के आपन उम्मीदवार बनवले रहे।

डीडीयू गोरखपुर के पूर्व कुलपति रमेश कुमार मिश्र शोक जतवले

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पंडित हरिशंकर तिवारी के निधन पे शोक जतावत रमेश कुमार मिश्र कहले कि ‘विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य के रूप में तिवारी जी के विश्वविद्यालय के विकास में अपार योगदान रहे।’ भगवान उनका के अपने पास जगह देस।

साभार- अमर उजाला

Share This Article
Content Creator
Follow:
भोजपुरी पत्रकारिता में 2 साल से काम कइला के अनुभव। भोजपुरी में समाचार लिखे के गहिराह जानकारी के संगे फिलिम, मनोरंजन, स्पेशल स्टोरी आदि सेगमेंट्स के खबरन के पढ़े खातिर हमरा संगे बनल रही खबर भोजपुरी पs।