इंदौर। इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाका में दूषित पीये के पानी से 25 लोगन के मौत आ 3300 से जादे लोगन के बेमार होखे के ममिला अभी ठंडा ना पड़ल रहे कि अब इंदौर जिला के महू नगर में जलजनित बेमारी के खतरा तेजी से बढ़ गइल बा।
महू कैंटोनमेंट बोर्ड इलाका के पत्ती बाजार, श्याम विलास, लुनियापुरा आ मोतीमहल मोहल्ला में अभी ले पीलिया आ टाइफाइड के 30 से जादे मरीज सामने आ चुकल बा लोग। एह मरीजन में 26 बच्चा आ किशोर सामिल बा लोग। अलग-अलग अस्पताल में भर्ती 10 मरीजन में से नव गो बच्चा बतावल जा रहल बा, जवन इस्थिति के गंभीरता के देखावत बा।
जानकारी के मोताबिक, पत्ती बाजार से चंदर मार्ग होत मोतीमहल तक करीब 250 घर दूषित पानी से प्रभावित भइल बा। एह घरन में रहे वाला दर्जनन लोगन के इलाज घरे पs चल रहल बा। पीड़ित लोगन में पीलिया आ टाइफाइड के लक्षण साफ देखे के मिल रहल बा।
असल में, महू कैंट बोर्ड इलाका में करीब 70 साल पुरान पाइपलाइन से पीये के पानी के आपूर्ति हो रहल बा। कइयन गो जगह अभियो अंग्रेजन के जमाना के पाइपलाइन इस्तेमाल में बा, जवन जर्जर हालत में बा। सुक के भोर में करीब चार बजे से कैंटोनमेंट बोर्ड, पीएचई आ प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित इलाका में पहुंच के हालात के जायजा लिहल लोग।
जांच के दौरान नर्मदा जल के पांच सैंपल आ निजी आ सरकारी बोरिंग के 20 सैंपल लिहल गइल। स्वास्थ्य विभाग के टीम प्रभावित घरन से पानी के सैंपल ले रहल बिया। एहतियातन नर्मदा जल के आपूर्ति फिलहाल बंद कs दिहल गइल बा। ओकरा जगह प्रशासन के ओर से 10 टैंकर आ कैंट बोर्ड के चार टैंकर से पानी सप्लाई कइल जाई।
कलेक्टर शिवम वर्मा बतवलें कि जिला स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य शिविर लगा के इलाज कs रहल बा आ 12 टीम घर-घर सर्वे में जुटल बाड़ी सs। कैंट बोर्ड के सीईओ विकास कुमार कहलें कि प्रशासन हालात पs लगातार नजर रखले बिया।
जांच में चंदर मार्ग इलाका के सरकारी बोरवेल में लीकेज मिलल बा। बोरिंग लाइन ड्रेनेज लाइन से गुजरत रहे, जवना से गंदा पानी मिलत रहे। कैंट बोर्ड तुरंत लीकेज बंद कराके लाइन के ड्रेनेज से बाहर करववलस।
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