एक ओर पियाज के बढ़त दाम के चलते आम जनता के रसोई के बजट में गिरावट आईल बा। पियाज के लोग खरीददारी कम क देले बा। एकरा पs महाराष्ट्र के शिंदे सरकार के मंत्री दादा भूसे एगो विवादित बयान देके आम जनता के घाव पs नून छिड़के के काम कईले बाड़े। शिंदे के मंत्री दादा भूसे कहले बाड़े कि दु-चार महीना पियाज ना खईब त कुछूओ गड़बड़ ना होई। बता दीं कि एक ओर किसान पियाज पs निर्यात शुल्क बढ़ला के खिलाफ आंदोलन करत बाड़े त दोसरा ओर पियाज के दाम लगातार बढ़ता।
शिंदे सरकार के मंत्री दादा भूसे कहले बाड़न कि काल्हु अगर पियाज के दाम 25 रुपिया से 20 रुपिया हो जाई आ अगर केहू (ई दाम) ना मानत होखे त एक महीना, 2 महीना, 4 महीना ले पियाज ना खइला पs कुछ ना होखी ।अगर एकरा माध्यम से किसान परिवार के चार पईसा मिले वाला बा त लोग के अयीसन मानसिकता होखे के चाही कि किसान के कुछ निमन हो जाई।
सरकार निर्यात शुल्क बढ़ा दिहले बिया
सरकार पियाज पs निर्यात शुल्क 40 प्रतिशत बढ़ा देले बिया। एकरा बाद सरकार के ओर से कहल गईल कि घरेलू आपूर्ति बढ़ावे अवुरी खुदरा दाम पs नियंत्रण करे खातीर इ कदम सही समय पs उठावल गईल।
महाराष्ट्र के नासिक जिला में पियाज निर्यात पs 40 फीसदी शुल्क लगावे के खिलाफ किसान कई जगहा विरोध कइले बाड़े आ व्यापारी भी शुल्क बढ़ावे के खिलाफ बाड़े। उ कहले कि, पियाज पs निर्यात शुल्क लगावे के फैसला समय से पहिले नईखे। एकरा पs केंद्रीय उपभोक्ता मामिला के सचिव रोहित कुमार सिंह कहले कि, घरेलू उपलब्धता बढ़ावे अवुरी दाम पs लगाम लगावे के इ समय के फैसला बा।