गोरखपुर में 30 फीट के रावण के भइल दहन: रावण वध के बाद भगवान राम आ मां दुर्गा के मिलन, आरती उतारके आसिरबाद लेलें

khabar Bhojpuri Desk

विजयदशमी के दिन गोरखपुर के बर्डघाट रामलीला में भगवान श्रीराम रावण के वध कइलें। जवना के बाद 30 फीट के रावण जरावल गइल। भगवान राम के एके बाण से रावण धू-धू कs के जरे लागल। जवना के देखे खातिर हजारन के संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़लें। रावण दहन के बाद निकलल विजय जुलूस यात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता आ लक्ष्मण के संगे रथ पs सवार होके निकललें। रास्ता में बसंतपुर चौराहा पs भगवान श्रीराम के आदिशक्ति मां दुर्गा से मिलन भइल।

दुर्गा बाड़ी में स्थापित मां दुर्गा आ भगवान श्रीराम के ई राघव शक्ति मिलन पूरा देस में खाली गोरखपुर में आयोजित होला। शहर में परंपरा के तौर पs होखे वाला एह आयोजन के देखे खातिर हर साल दूर-दराज से श्रद्धालु गोरखपुर आवेला लो। मंगर के जयघोष के बीच भगवान राम आ मां शक्ति के मिलन बसंतपुर चौराहा पs भइल। एह दौरान भगवान राम मां के आरती के तs मां भगवान राम के प्रदक्षिणा कइलें।

1948 राघव शक्ति मिलन के भइल सुरुआत

राघव शक्ति मिलन कार्यक्रम के सुरुआत 1948 में मोहन लाल यादव, रामचंद्र सैनी, मेवालाल यादव आ रघुवीर मास्टर राघव शक्ति मिलन कमेटी के स्थापना कइले रहस। तबे से एह परंपरा के निर्वहन लगातार हो रहल बा। हर साल विजय दशमी के दिन बर्डघाट रामलीला के श्रीराम रावण के वध कइला के बाद माता जानकी, भाई लक्ष्मण आ हनुमान के संगे विजय जुलूस में दुर्गा मिलन चौक, बसंतपुर तिराहा पs पहुंचल। जहां आके शहर के प्राचीनतम दुर्गा बाड़ी के प्रतिमा के श्रीराम पूजन-अर्चन आ आरती कs के युद्ध में विजय खातिर माता रानी के प्रति आभार व्यक्त करत बाडें आ मां के आसिरबाद लेत बाड़ें।

हजारन के संख्या में पहुंचलें श्रद्धालु

श्रीराम आ माता दुर्गा के मिलन के एह कार्यक्रम के राघव शक्ति मिलन के नाम से जानल जात बा। एह अद्भुत पल के देखे खातिर हजारन के संख्या में श्रद्धालु बसंतपुर पहुंचत बा लो। जहां फूलन के बरखा आ जयघोष के बीच वातावरण भक्तिमय हो जाला। राघव शक्ति मिलन के बादे शहर के कवनो दुर्गा प्रतिमा राप्ती नदी में विसर्जन खातिर आगे बढ़ेंला।

मान्यता बा कि लंका विजय के बाद जब श्रीराम, माता सीता आ  भाई लक्ष्मण के संगे लवटल रहे लो तs सबसे पहिले ऊ मां शक्ति के आराधना कs के लंका में मिलल विजय पs माता के प्रति आभार प्रकट करत उनकर आसिरबाद लेले रहे लो। एही के जीवंत रूप शहर में राघव शक्ति मिलन कार्यक्रम में देखे के मिलेला।

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