World Book Fair 2026 : सेना के शौर्य गाथा से सजल दुनिया के सबसे बड़ किताब मेला के आज सबेरे 11 बजे से होई आगाज

World Book Fair 2026 inauguration at India Mandapam showcasing Indian Armed Forces theme

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नई दिल्ली। भारत मंडपम, नई दिल्ली में सनिचर से दुनिया के सबसे बड़ किताब के उत्सव विश्व पुस्तक मेला के सानदार आगाज हो रहल बा। अबकि बेर मेला खाली किताबन तक सीमित नइखे, बलुक भारतीय सशस्त्र सेना के शौर्य, बलिदान आ गौरव गाथा के भव्य प्रदर्शन हो रहल बा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आज सबेरे 11 बजे मेला के औपचारिक उद्घाटन करिहें।

एह साल विश्व पुस्तक मेला के थीम रखल गइल बा “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा @75”। ई थीम आजादी के 75 बरिस पूरा होखला पs भारतीय थल सेना, नौसेना आ वायुसेना के अदम्य साहस, बलिदान आ राष्ट्र निर्माण में जोगदान के समर्पित बा। उद्घाटन के संगे शिक्षा मंत्री थीम पवेलियन के भव्य सुभारंभ करिहें। एह मवका पs गेस्ट ऑफ ऑनर देस कतर आ फोकस कंट्री स्पेन के प्रतिनिधि मवजूद रही लोग।

अबकि बेर मेला के सबसे बड़ खासियत ई बा कि प्रवेश पूरा तरे निशुल्क रखल गइल बा। ना टिकट, ना रजिस्ट्रेशन। एकरा से लाखन पाठक, छात्र आ परिवार आसानी से मेला घूम सकेला लोग। 10 से 18 जनवरी तक चले वाला एह नव दिन के मेला में 35 से जादे देसन के 1000 से बेसी प्रकाशक, 3000 से जादे स्टॉल आ 600 से जादे साहित्यिक कार्यक्रम होई।

हॉल नंबर 5 में बनल भव्य थीम पवेलियन मेला के खास आकर्षण बा। इहां युद्ध आ सैन्य इतिहास से जुड़ल 500 से जादे किताब, वॉर थीम मूवी क्लिप, पोस्टर आ डॉक्यूमेंट्री देखे के मिली। अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत आ तेजस लड़ाकू विमान के मॉडल लोगन के खूब लुभाई।

करीब 1000 वर्ग मीटर में बनल ई थीम पवेलियन 360 डिग्री अनुभव देवे वाला बा। 1947 से आज तक के प्रमुख युद्ध, सैन्य अभियान आ रणनीतिक फैसला के जानकारी इहां मिल सकेला। 21 परमवीर चक्र विजेतन के सम्मान में खास सेक्शन बनावल गइल बा। वॉर एक्सपर्ट, रक्षा विशेषज्ञ आ पूर्व सैन्य अधिकारी नवहन से सीधा संवाद करी लोग, ताकि नश पीढ़ी देस के सैन्य विरासत से जुड़ सके।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) आ इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के ओर से आयोजित 53वां नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में करीब 20 लाख लोग के पहुंचे के अनुमान बा।

अबकि बेर कतर गेस्ट ऑफ ऑनर कंट्री आ स्पेन फोकस कंट्री रहल बा। कतर पवेलियन में उहवां के संस्कृति, हैंडीक्राफ्ट, संगीत आ नृत्य के झलक मिली। मेला रोज सबेरे 11 बजे से रात 8 बजे तक खुला रही आ गेट 10, 3, 4 आ 6 से एंट्री हो सकेला।

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