रामलला के ‘सूर्य तिलक’ के तस्वीर देख भाव-विभोर भइले पीएम मोदी, जूता उतारके टैब पs देखले वीडियो

Minee Upadhyay

 

रामनवमी के अवसर पs आजु अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के सूर्य तिलक भइल. ई एगो गजब के मौका रहे। ई प्रक्रिया एगो विस्तृत सिस्टम के माध्यम से पूरा कइल गइल जवना में आईना आ लेंस शामिल रहे। एही व्यवस्था के माध्यम से सूरज के किरण रामलला के माथा ले पहुंच गईल। राम नवमी के अवसर पs भक्तन के ई अद्भुत दृश्य देखे के मौका मिलल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एह गजब के पल के वीडियो टैब के माध्यम से देखले। ई वीडियो देख के ऊ श्रद्धा से भावुक लउकलन.

हेलीकाप्टर में जूता उतारला के बाद वीडियो देखले

एह वीडियो के देखे से पहिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपन जूता उतार के पूरा श्रद्धा से सूर्य तिलक के अद्भुत पल के साक्षी बनले। एह दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भगवान राम के दिल पs हाथ रख के आ माथा झुका के नमन करत देखाई देतारे। पीएम मोदी अपना सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पs एकरा से जुड़ल एगो पोस्ट शेयर कईले। उहाँ के लिखले- “नलबाड़ी मुलाकात के बाद अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत आ अनूठा पल देखे के सौभाग्य मिलल। श्री राम जन्मभूमि के ई बहुप्रतीक्षित पल सभका खातिर उमंग के पल बा। ई सूर्य तिलक अपना दिव्य ऊर्जा से एह तरह से विकसित भारत के हर संकल्प के रोशन करी।”

 

सूर्य तिलक हर साल राम नवमी के दिन होई

बता दीं कि सूर्य तिलक करीब चार-पांच मिनट ले भइल. इहे उs पल रहे जब सूरज के किरण सीधा राम लला के मूर्ति के माथे पs केन्द्रित रहे। मंदिर प्रशासन सूर्य तिलक के समय भक्तन के अभयारण्य में प्रवेश से रोकले रहे ताकि भीड़ ना होखे। सूर्य तिलक परियोजना के मूल उद्देश्य राम नवमी के दिन श्री राम के मूर्ति के माथे पs तिलक लगावल बा। हर साल चैत्र महीना में श्री रामनवमी के दिन दुपहरिया 12 बजे से सूरज के रोशनी से भगवान राम के माथे पs तिलक लगावल जाई। हर साल एह दिन आकाश में सूर्य के स्थिति बदलत रहेला।

 

 

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भोजपुरी पत्रकारिता में 2 साल से काम कइला के अनुभव। भोजपुरी में समाचार लिखे के गहिराह जानकारी के संगे फिलिम, मनोरंजन, स्पेशल स्टोरी आदि सेगमेंट्स के खबरन के पढ़े खातिर हमरा संगे बनल रही खबर भोजपुरी पs।