अंगुरी के अंगूठी पहिरल खाली फैशन ना होखेला बालुक आपके व्यक्तित्व के एगो हिस्सा भी होखेला। सही अंगूठी चुन के सही अंगुरी पs पहिरला से आपके लुक बढ़ सकता। फैशन के नाम पs कबो अपना आराम से समझौता मत करीं। अगर कवनो अंगूठी रउरा पs फिट ना होखे तs ओकरा के मत पहिनीं. हमेशा एगो अयीसन अंगूठी चुनी जवन कि आरामदायक होखे, हमनी के कुछ आसान टिप्स बताएब जवन कि आपके सही अंगुरी के अंगूठी पहिने में मदद करी।
रिंग के साइज सही होखे के चाहीं

पहिला अवुरी सबसे जरूरी बात इs बा कि आपके अंगूठी के आकार सही होखे के चाही। जवन अंगूठी बहुत ढीला होखे ओकरा से गिर सकता अवुरी जवन अंगूठी बहुत टाइट होखे ओकरा से तकलीफ हो सकता, एहसे, हमेशा अपना अंगुरी के आकार के मुताबिक अंगूठी के चुनी।
इहो पढ़ीं: अतवारी छौंक: ‘बात कुछ पुरनका दौर के ‘ अपने दौर के underrated एक्ट्रेस रहली ‘राखी गुलजार’
डिज़ाइन के चुनाव

अंगूठी के डिजाइन आपके स्टाइल अवुरी मौका के मुताबिक होखे के चाही। अगर रउरा कवनो पार्टी भा फंक्शन में जा रहल बानी तs तनी भारी आ चमकदार अंगूठी पहिर सकेनी. एकरा संगे साधारण अवुरी हल्का अंगूठी रोजमर्रा के पहिरला खातीर निमन बा।
मेटल आ रंग के ध्यान रखी

अंगूठी के धातु अवुरी रंग भी आपके पहनावा के मुताबिक होखे के चाही। सोना, चांदी, प्लैटिनम आदि जईसन धातु से अपना पसंद अवुरी जरूरत के मुताबिक अंगूठी चुनी।
इहो पढ़ीं: सबेरे-सबेरे: बइठले – बइठले करीं ई एक्सरसाइज Memory Sharp करे खातीर
फंक्शन के हिसाब से रिंग चुनीं

अगर रउरा ऑफिस जाए वाला बानी तs जादा चमकदार अंगूठी मत पहिनीं, साधारण अवुरी सोबर अंगूठी ऑफिस खातीर उपयुक्त बा। शादी-बियाह अवुरी पार्टी खातीर आप अवुरी चमकदार अवुरी डिजाइनर अंगूठी पहिन सकतानी।
मौसम के ध्यान राखी

गर्मी में हल्का अवुरी छोट अंगूठी लगावल निमन बा, काहेंकी इs आपके पसीना से बचावेला। जाड़ा में तनी बड़ अवुरी भारी अंगूठी पहिन सकेनी, जवना से आपके हाथ सुंदर हो जाला।
इहो पढ़ीं: भक्तिमय सोमार: ‘श्रद्धा के सागर’ धरती चीर के बाहर निकलल रहे गोरखपुर के मां काली के प्रतिमा
फिंगर के शेप के ध्यान राखी

अंगूठी के चयन में भी आपके अँगुरी के आकार के अहम भूमिका होखेला। चौड़ा अवुरी बड़ अंगूठी पातर अँगुरी खातीर निमन लागेला, जबकि पतला अवुरी हल्का अंगूठी मोट अँगुरी खाती निमन लागेला।
फिंगर रिंग्स के मैचिंग

अगर आप एक से जादा अंगूठी पहिनले बानी तs एकर डिजाइन अवुरी मेटल मैच खाए के चाही। एहसे आपके अंगुरी अवुरी सुंदर देखाई दिही।
इहो पढ़ीं: भक्तिमय सोमार: ‘श्रद्धा के सागर’ भक्तन के कुल कष्ट दूर करेली गोरखपुर के ‘मां करवल देवी’