Raksha Bandhan 2023: कब बान्ही भाई के कलाई पs राखी…30 आ 31 के लेके बा दुविधा त इहां मिली कुल सवाल के जवाब

By Anurag Ranjan

Published on: Aug 17, 2023

  हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन के परब बहुत खास मानल जाला। हर साल एह परब के धूमधाम से मनावल जाला। भाई के कलाई पs राखी बान्हत घरी बहिन लोग उनकर लमहर उमिर आ सुख के

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हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन के परब बहुत खास मानल जाला। हर साल एह परब के धूमधाम से मनावल जाला। भाई के कलाई पs राखी बान्हत घरी बहिन लोग उनकर लमहर उमिर आ सुख के प्रार्थना करेली। साथे बहिन के उपहार देत घरी भाई हमेशा ओकर रक्षा करे के प्रण लेला।

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार भाई-बहिन प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन के परब हर साल श्रावण शुक्ल पक्ष के पूर्णिमा तिथि के मनावल जाला। डॉ. आचार्य सुशांत राज बतवले कि अबकी बेर रक्षाबंधन के परब 30 अवुरी 31 अगस्त के दु दिन ले मनावल जाई। वैदिक ज्योतिष के अनुसार श्रावण महीना के पूर्णिमा तिथि के आ दुपहरिया में रक्षाबंधन के परब मनावल शुभ बा, लेकिन एह बात पs विशेष ध्यान देवे के चाहीं कि रक्षाबंधन के दिन भद्र काल ना होखे के चाहीं ।

30 तारीख के दिन भर भद्रा के छाया

रक्षाबंधन के दिन भद्रा के परछाई बा त भाई के कलाई पs राखी ना बान्हे के चाही। हिन्दू पंचांग के गणना के मुताबिक भद्रकाल के शुरुआत ए साल 30 अगस्त से श्रावण पूर्णिमा तिथि से होई। 30 अगस्त के भदरा राती 09.02 मिनट ले रही। शास्त्र के अनुसार भद्रकाल में रक्षाबंधन के परब ना मनावल जाला।

भद्र मुक्त काल में राखी बान्हल हमेशा से शुभ मानल गइल बा। दूसर ओर श्रावण पूर्णिमा के तारीख के राखी बान्हे खातिर दुपहरिया के समय सबसे शुभ समय होला। बाकिर एह साल रक्षाबंधन महोत्सव के श्रावण पूर्णिमा तिथि 30 अगस्त से शुरू हो रहल बा आ भद्रा के परछाई पूरा दिन ओहिजा रही।

31 के सबेरे सबेरे राखी बान्हल शुभ बा

एह तरह से दिन में 30 अगस्त के रक्षाबंधन के कवनो शुभ समय ना होई। 30 अगस्त के भदरा राती 09.02 मिनट ले रही। अयीसना में 30 अगस्त के 09.02 मिनट के बाद राखी के बान्ह सकेनी। रात में राखी बान्हल शुभ ना होला। हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक 31 अगस्त के श्रावण पूर्णिमा के तारीख 07.05 मिनट ले रही अवुरी ए दौरान भद्रा के कवनो छाया ना होई। एही कारण से 31 अगस्त के सबेरे सबेरे राखी बान्हल शुभ होई।

रक्षाबंधन के शुभ समय

•रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा दिनांक : 30 अगस्त 2023

• राखी बान्हे के समय : 30 अगस्त 2023 के राती 09.03 मिनट के बाद

• रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा तिथि समाप्त – 31 अगस्त सुबेरे 07:05 बजे

•रक्षाबंधन भद्रा अंतिम समय : 30 अगस्त 2023 के राती 09:03 बजे

•रक्षाबंधन भद्रा पूंछ : 30 अगस्त के साझी के 05:30 बजे से 06:31 बजे ले

• रक्षाबंधन भद्र मुखा : 30 अगस्त 2023 के साझी के06:31 बजे से 08:11 बजे ले

रक्षाबंधन पs का करी आ का ना करी :-

-भद्रारहित काल में ही रक्षाबंधन के पर्व हमेशा मनावल जाला।

– रक्षाबंधन के दिन सुबेरे सुबेरे उठ के नहा के पूरा घर में गंगाजल छिड़की ।

– नहाला के बाद सूर्य देव के जल देत ​​घरी अपना कुल देवी-देवता के याद करीं आ ओह लोग के आशीर्वाद माँगीं।

– एकरा बाद शुभ समय के ध्यान में राखत राखी थाली सजाईं।

– राखी के थाली में तांबा या पीतल के थाली में राखी, अक्षत, सिंदूर, मिठाई आ रोली जरूर रखी।

– रक्षाबंधन के दिन रक्षा सूत्र के अपना कुलदेवता के समर्पित करके पूजा पूरा करीं।

-राखी बान्हत घरी ध्यान राखीं कि भाई के चेहरा पूरब दिशा में होखे के चाहीं।

– बहिन लोग पहिले भाई के माथे पs तिलक लगा के ओकरा बाद कलाई पs राखी बान्ही।

-भाई के दाहिना हाथ पs बहिन राखी बान्ही।

-एकरा बाद भाई-बहिन एक दूसरा के मिठाई खियाइ।

 

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