कवि सत्तन के भोजपुरी भाषा आ ओकर व्यंजना के बहुत ज्ञान रहे

Anurag Ranjan

गोरखपुर: स्व. कवि सत्य नरायन मिश्र ‘सत्तन ‘ के भोजपुरी भाषा आ ओकर व्यंजना के जेतना ज्ञान रहे ओतना आज के समकालीन कवियन में देखे के ना मिलेला! करीब सोलह सौ सालन से जादे समय से चलल आ रहल ई भाषा गोरख, कबीर, रैदास जइसन कालजयी रचनाकार देले बिया।। एकरा बादो संविधानिक स्तर पs एकर समुचित सम्मान ना मिल पावल दुखद बा।

मंच पs उपस्थित अतिथिगण

 

ई विचार गोरखपुर विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामदेव शुक्ल के हs। उहाँ के बार एसोसिएशन, सिविल कोर्ट के सभागार में भोजपुरी संगम संस्था के ओर से स्व. कवि सत्तन के पुण्यतिथि पs आयोजित सम्मान समारोह के बतौर अध्यक्ष संबोधित करत रहनी। एह अवसर पs वाराणसी से आइल भोजपुरी आ हिंदी के सुख्यात साहित्यकार हरीराम द्विवेदी के स्व. सत्यनरायन मिश्र ‘सत्तन’ स्मृति सम्मान से सम्मानित कइल गइल। एकरा पहिले भोजपुरी कवि चंदेश्वर परवाना श्री हरीराम द्विवेदी के दिहल जाय वाला मानपत्र के वाचन कइनी। कवि/आलोचक श्रीधर मिश्र आगत अतिथियन आ महानगर के अलावे दूर दराज से आके कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकार लोगन के स्वागत कइनी। कार्यक्रम के संचालन प्रो. विमलेश मिश्र कइनी
सम्मान दिहल गइला के बाद कवि वीरेंद्र मिश्र दीपक सत्तन जी के साथ आपन संस्मरण सुनवले। एही क्रम में वरिष्ठ कवि राजेश राज, कुमार अभिनीत आ कुमार नवनीत बारी-बारी से सत्तन जी के तीन गो रचना के सस्वर पाठ कइल लो। कवि जय प्रकाश नायक के सत्तन जी खातिर श्रद्धांजलि गीत सुनके श्रोता भाव विभोर हो उठल लो।

स्व० सत्तन जी के श्रद्धांजली देत अतिथिगण

एकरा बाद बतकही के क्रम में प्रो. रामदरस राय बहुते बेलौस लहजा में कहनी कि भोजपुरी में लिखे आ बोले के प्रेरणा उनका स्व. सत्तन जी से मिलल रहे। भोजपुरी विद्वान रवीन्द्र श्रीवास्तव जुगानी जी हरिराम द्विवेदी आ स्व. सत्तन जी से जुड़ल संस्मरण सुनाके श्रद्धांजलि अर्पित कइनी। डा. आद्या प्रसाद द्विवेदी कवि सत्तन के स्मृतियन के साझा करत आपन भावांजलि व्यक्त कइनी।

अपना संबोधन में प्रो. अनन्त मिश्र कहनी कि एगो कवि के रूप में सत्तन जी एही कोसिस में आजीवन लागल रहनी कि समाज में प्रेम आ करुणा के भावना हमेशा बनल रहे।
गोरखपुर विश्व विद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. चित्तरंजन मिश्र कार्यक्रम में वक्ता लोगन द्वारा भोजपुरी के उचित सम्मान ना मिल पवला से जुड़ल सवालन के जवाब देत स्व. सत्तन जी के लईकन के एह तरे के कार्यक्रम आयोजित कइला खातिर शुभकामना दिहनी।

कार्यक्रम के अंत में भोजपुरी संगम के अध्यक्ष इंजीनियर राजेश्वर सिंह जी सभे उपस्थित लोगन के प्रति आभार व्यक्त कइनी। कार्यक्रम के दौरान स्व० सत्तन जी के इयाद में बहुते संख्या में साहित्य प्रेमी लोग जुटल आ एह कार्यक्रम में आपन मवजुदगी दर्ज करावल।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।