समस्तीपुर : जिला के विभूतिपुर थाना क्षेत्र से चौंकावे वाला वीडियो सामने आईल बा। रउरा भी वीडियो देखला के बाद रोंगटा खड़ा हो जाई। असल में खाली एक दू गो ना सैकड़न लोग साँप से खेलत लउकत बा. उहें स्थानीय लोग के कहनाम बा कि इहाँ के लोग हर साल इs काम करेले। गाँव के लोग के कहनाम बा कि इहाँ हर साल नाग पंचमी के दिन विषहरी माता के पूजा होखेला। इहाँ के लोग के साँप से खेलल आम बात बा।
साँप के महीना भर पहिले से पकड़ल जाला
असल में विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिंघिया घाट में नाग पंचमी के दिन हर साल नाग मेला के आयोजन होला। ई देख के रउरा अचरज में पड़ जाएब. साँप देख के जहां बहुत लोग के होश खतम हो जाला, उहें एs मेला में भक्त के संगे लईका-लइकी अवुरी छोट-बूढ़ लोग के गरदन में लपेट के साँप के संगे खेलत देखाई दले। एकरा खातिर साँप पकड़े के प्रक्रिया महीना भर पहिले से शुरू होके नाग पंचमी के दिन तक चलेला।
लोग साँप से करतब करेला
नाग पंचमी के दिन भगत राम सिंह आदि लोग घंटन माता विषहरी के नाम के जयकारा लगावत जहरीला साँप के मुँह में धइले स्टंट करेला। हाथ में साँप लेके सैकड़ों लोग बूढ़ी गंडक नदी के सिंघियाघाट पुल घाट पs पहुंचे। इहाँ नदी में घुसला के बाद माई भगवती के नाम जपत दर्जनों साँप निकलेले। एह दौरान नदी घाट पs मौजूद श्रद्धालु लोग नागराज आ विषहरी माता के नाम के जयकारा लगावेला। पूजा के बाद साँप के जंगल में छोड़ दिहल जाला।
इs परंपरा सैकड़ों साल से चलत आवता
बता दीं कि ई मेला मिथिला के मशहूर मेला मानल जाला. इहाँ नाग देवता के पूजा करे के परंपरा सैकड़ों साल से चलत आवता। मूल रूप से बिषहरा के पूजा इहाँ के गुफा में कइल जाला। नारी अपना वंश बढ़ावे के कामना से नागदेवता के विशेष पूजा करेली। व्रत पूरा भइला के बाद नाग पंचमी के दिन लोग गुफा में नहा के प्रसाद चढ़ावेला।