Varanasi: वाटर टैक्सी के विरोध काहे कर रहल बा लो नाव संचालक? एसीपी दु दिन में बैठक करे के देलें आश्वासन

Aditya Tiwari

वाराणसी में नाविक समाज गंगा में वाटर टैक्सी संचालन के विरोध में बियफे के नाव संचालन बंद कs के दशाश्वमेध घाट पs धरना दिहल। जानकारी पs पहुंचल एसीपी अवधेश पांडेय दु दिन में निगम प्रशासन के संगे बैठक कs के समाधान ढूंढे के आश्वासन दिहलें तब नाविक लोग धरना खत्म कइल। ओहिजा, वाटर टैक्सी संचालन के विरोध में सबेरे 10 बजे से सांझ के चार बजे तक नौका संचालन ठप रहल।

प्रमोद मांझी कहलें कि वाटर टैक्सी के संचालन कs के नाविकन के आत्मनिर्भरता के खत्म करे के प्रयास कइल जा रहल बा। आरोप लगवleb कि नाविकन से ना तs बातचीत कइल गइल बा, ना समस्ये जानल गइल बा आ वाटर टैक्सी चलावे के तइयारी कइल जा रहल बा। नाविक समाज आंदोलन करी।

राकेश निषाद कहलें कि वाटर टैक्सी के संचालन होखला पs नाविक समाज के लोग बेरोजगार हो जाई। धरना में राकेश निषाद, पृथ्वीनाथ, शंभु, प्रदीप, मनीष आ आउर लोग मवजूद रहल। ओहिजा, एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय बतवलें कि नाविकन के समस्या से उच्चाधिकारियन के अवगत करावल जाई आ बैठक कs के एकर निदान कइल जाई।

नौका संचालन बंद होखे से पर्यटक लोग भइल मायूस

नाव ना चलला से पर्यटक लोग मायूस देखल गइल। छपरा से परिजनन के संगे आइल राकेश बतवलें कि ऊ नौका विहार करे आइल रहस। काशी के अलौकिक घाटन के सुंदरता देखे के चाहत बा, बाकिर नाव संचालन बंद होखे से लवटे पड़ल। कोलकाता से आइल जयता मुखर्जी बतवली कि नाव में बइठल घाटन के आभा निहारे के इच्छा नाव संचालन बंद होखे के वजह से अधूरा रह गइल। क्रूज के बुकिंग 15 जुलाई तक फुल बा। अब नौका विहार करे खातिर एक दिन आउर रुके के पडी।

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