कानपुर नगर निगम के अधिकारी जवन गाड़ी मिलल बा ओकर इस्तेमाल सरकारी काम खातिर, अपना निजी काम खातिर भी कs रहल बाड़े। इहे कारण बा कि तय सीमा से 1300 किलोमीटर दूर। हर महीना अउरी गाड़ी चल रहल बा आ लाखों रुपिया के राजस्व के ठगी हो रहल बा।
नगर निगम के आधिकारिक सूत्र के मुताबिक अधिकारी सिर्फ सरकारी गाड़ी से आसपास के जिला में स्थित मकान में भागत बाड़े। एकरा अलावे उनुकर परिवार के लोग भी ए गाड़ी के अंधाधुंध इस्तेमाल करतारे। जबकि पोस्ट के मुताबिक अफसर के 1500 से 3000 किलोमीटर मिलता। सीमा दिहल गइल बा। अधिकारी के मुताबिक शहर में एक महीना में 3000 किमी। से अधिका गाड़ी चलावल संभव नइखे।
नगर आयुक्त के ओर से जांच के आदेश
नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन एह मामिला के बहुते गंभीरता से लिहले बाड़न। 7 अधिकारी के पहचान हो चुकल बा अवुरी अब 3 दिन में उनुका से जवाब मांगल गईल बा। चेतावनी के अलावे एकर जवाब भी मांगल गईल बा कि सीमा से जादे गाड़ी चलावे के लागत वेतन से काहें ना काटल जाए। अधिकारियन के दिहल सगरी गाड़ी निजी कंपनी जेटीएन से भाड़ा पs लिहल गइल बा। नगर निगम कुल महीना करोड़ों रुपिया देवेला।
नगर आयुक्त एह अधिकारी लोग के नोटिस जारी
नगर आयुक्त ने मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. संध्या रानी,सहायक नगर आयुक्त अनवर हुसैन, कर निर्धारण अधिकारी पुष्पा राठौर, कर निर्धारण अधिकारी राजेश गुप्ता, अधिशाषी अभियन्ता अतुल पाण्डेय, नक्शा अधीक्षक मुकेश अग्निहोत्री आ कर अधीक्षक साजिद अली के नोटिस जारी कइले बा।
इ अधिकारी सरकारी गाड़ी के गलत इस्तेमाल कईले