Noise Cancellation Headphones: काने ना दिमाग के कंफ्यूज कs रहल नॉइज कैंसलेशन हेडफोन, हो जाईं सावधान

Anurag Ranjan

बहुते लोग जादेतर समय हेडफोन लगाके रखेला। खास कs के नवहन में ई आदत तेजी से बढ़ रहल बा। एह दिनन नॉइज कैंसलेशन हेडफोन्स के इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहल बा। ई डिवाइस बाहरी शोर शराबा से तs बचा रहल बिया, बाकिर दिमाग पs बुरा असर डाल रहल बा।

यूके बेस्ड नेशनल हेल्थ सर्विसेज (NHS) के ऑडियोलॉजिस्ट अलर्ट कइले बा लो कि एह हेडफोन के जादे इस्तेमाल से ब्रेन से लेके सुने तक के समस्या बढ़ल बा। अब तक के जांच में सामने आइल बा कि एह हेडफोन से होखे वाला नुकसान सुने के क्षमता से ना बलुक दिमाग से जुड़ल बा। दिमाग के जवन कुछ सुनाई देला, ओकरा के प्रॉसेस करे में परेसानी होला।

नॉइज कैंसिलेशन हेडफोन्स से कवन-कवन दिक्कत

यंगस्टर्स में एह हेडफोन्स से ऑडिटरी प्रॉसेसिंग डिस-ऑर्डरइस कंडीशन के ऑडिटरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर (APD) कहल जाला। ई तब होला जब दिमाग के शब्दन भा साउंड के प्रॉसेस करे में परेसानी होला, खास कs के अइसन कंडीशन में, जब ऊ एह शोर भा आवाज के बैकग्राउंड से आवे वाला शोर से अलग ना कs पावेला। एक तरे से APD सुने के क्षमता में कमी नइखे आइल, बलुक दिमाग के बाहरी शोर के प्रॉसेस करे के क्षमता में परेसानी बा।

दिमाग पs का होत बा असर

ऑडिटरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर वाला लोगन के बातन के जल्दी-जल्दी समझे में परेसानी हो सकत बा। हालांकि ई डिसऑर्डर आमतौर पs कान के इंफेक्शन, बचपन में लागल चोट से जुड़ल बा, बाकिर एकर एगो वजह नॉइज कैंसिलेशन हेडफोन्स के मानल जा रहल बा। ब्रेन के ई तय करे खातिर कवनो चीज पs फोकस करे के पड़त बा, आवाज सुने के पड़त बा। जदि पीछे से आवे वाला शोर के ब्लॉक कs दिहल जाई तs ब्रेन ओकरा के फिल्टर कइल भूल सकत बा। हेडफोन लगाके रउआ खाली उहे सुनेनी, जवन रउआ सुनल चाहत बानी। दरअसल, नॉइज कैंसलिंग हेडफोन में कम फ्रीक्वेंसी होला, जवना से कानन के रिसेप्टर्स उत्तेजित होला आ दिमाग के गलत मैसेज भेजे लागत बा।

काहे आ कइसे होला परेसानी

जब मस्तिष्क के साउंड के प्रॉसेस करे में परेसानी होला, खास कs के अइसन कंडीशन में जब ऊ एह शोर भा आवाज के बैकग्राउंड से आवे वाला शोर से अलग ना कs पावेला। जदि रउआ अपना कानन में आवाज ना पहुंचावे तs राउर ब्रेन अपना अंदर आवे वाली चीजन के बढ़ाके ओकरा के पूरा कs देत बा। ई तंत्रिका मार्ग के बदल देत बा। नॉइज कैंसिलेशन तकनीक बाहरी आवाजन के कम करे खातिर काम करत बा बाकिर कइयन बेर हेडफोन से हलुका गूंज जइसन आवाज निकलत बा। जवन लमहर समय तक सुनाई देत बा तs ई कानन आ दिमाग पs असर डाल सकत बा।

जरूरत से जादे हेडफोन्स लगावे के नुकसान

  • चक्कर आना
  • ध्यान लगाने में परेशानी
  • घबराहट
  • कान में दर्द
  • नींद की परेशानी
  • कान में आवाज गूंजना

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।