आज शारदिय नवरात्रि के चउथा दिन हऽ। आज देवी दुर्गा के चउथा रूप कुष्मांडा के पूजा होला। सनातन धर्म में नवरात्रि के दिन शक्ति के पूजा के बहुत महत्व बा। एह दिन माई कुष्मांडा के पूजा होला। हिन्दू मान्यता के अनुसार देवी दुर्गा के एह रूप के पूजा कइला से आशीर्वाद मिलेला आ सब दुख खतम हो जाला। हिन्दू पौराणिक कथा के अनुसार माई कुष्मांडा के मुस्कान के झलक से पूरा ब्रह्मांड के रचना हो गइल। इनका अष्टभुजा देवी के नांवो से जानल जाला।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार चतुर्थी तिथि 6 अक्टूबर के सबेरे 07:49 बजे से शुरू होई आ 7 अक्टूबर के सबेरे 09:47 बजे समाप्त होई।
माई कुष्मांडा के रूप
माई कुष्मांडा के वाहन शेर हऽ आ आदिशक्ति के 8 हाथ बा। एहमें से 7 हाथ में कमल के फूल, अमृत से भरल घड़ा, कमंडल आ धनुष, बाण, चक्र आ गदा जइसन कुछ हथियार बा। जबकि आठवाँ हाथ में माला के जप होला जवन सगरी उपलब्धि आ धन देला। मान्यता बा कि माई के कोहरा के बलि बेहद प्रिय हऽ, उहे कोहरा के संस्कृत में कूष्माण्डा कहल जाला।