सेंट्रल डेस्क। ओडिशा पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान में एगो बड़ कामयाबी मिलल बा। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के एरिया कमेटी मेंबर (ACM) ममता पोडियामी के आत्मसमर्पण के बाद कोरापुट जिला के औपचारिक रूप से नक्सल-मुक्त जिला घोषित कs दिहल गइल बा। ई सफलता ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा इलाका में वामपंथी उग्रवाद पs मजबूत प्रहार मानल जा रहल बा।
पुलिस के मोताबिक सरेंडर करे वाली महिला माओवादी के पहचान 26 साल के ममता पोडियामी के रूप में भइल बा, जेकरा के मामिता आ सोनी नाम से भी जानल जात रहे। ऊ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला के रहे वाली हई आ उनका पs 5.5 लाख रुपिया के इनाम घोषित रहे।
वरिष्ठ अधिकारियन के मवजूदगी में भइल आत्मसमर्पण
ममता, दक्षिण-पश्चिमी रेंज के डीआईजी कंवर विशाल सिंह, बीएसएफ डीआईजी, कोरापुट के एसपी, बीएसएफ कमांडेंट आ जेपोर के एसडीपीओ के मवजूदगी में जिला पुलिस के सोझा सरेंडर कइली। आत्मसमर्पण के समय ऊ 7.62 एमएम एसएलआर राइफल, एगो मैगजीन आ 10 जिंदा कारतूस पुलिस के सउपली। ममता लिखित रूप से हिंसा छोड़ के संविधान आ लोकतंत्र में भरोसा जतवली।
पुनर्वास नीति के तहत मदद
डीआईजी कंवर विशाल सिंह बतवलें कि ममता के 5.5 लाख रुपिया आत्मसमर्पण सहायता आ हथियार जमा कइला पs 1.65 लाख रुपिया अलग से दिहल जाई। एकरा अलावे राज्य सरकार के आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति के तहत आवास, मासिक वजीफा, स्किल ट्रेनिंग, स्वास्थ्य बीमा आ सस्ता राशन जइसन सुविधा मिली। अभी 50 हजार रुपिया अंतरिम सहायता दे दिहल गइल बा।
कइयन गो नक्सली घटना में रहली सक्रिय
पुलिस के अनुसार ममता आंध्र-ओडिशा बॉर्डर इलाका में सक्रिय सैन्य प्लाटून के सदस्य रहल बाड़ी आ कइयन गो नक्सली वारदात में ओकर भूमिका रहे। ओकरा खिलाफ आईपीसी, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक कानून आ यूएपीए के तहत केस दर्ज बा।
चउथा नक्सल-मुक्त जिला
पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया बाकी माओवादी कैडरन से हिंसा छोड़ के मुख्यधारा में लवटे के अपील कइलें। मलकानगिरी, नुआपड़ा आ नबरंगपुर के बाद अब कोरापुट दक्षिण-पश्चिमी रेंज के चउथा नक्सल-मुक्त जिला बन गइल बा।







