रांची : झारखंड में होखे वाला नगर निकाय चुनाव 2026 में अबकि बेर मतदान प्रक्रिया में बड़ बदलाव कइल गइल बा। कइयन बरिस बाद एक बेर फेर से पुरान बेवस्था लवटत देखाई दे रहल बा। आयोग फैसला कइले बा कि अबकि बेर नगर निकाय चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के इस्तेमाल ना होई, बलुक बैलेट पेपर से मतदान करावल जाई।
आयोग के एह फैसला से पूरा चुनावी प्रक्रिया के रूपरेखा बदल गइल बा। ईवीएम ना होखला के चलते उम्मीदवारन के चुनावी नतीजा खातिर लमहर इंतजार करे के पड़ी। पहिले जहां कुछ घंटा में मतगणना पूरा हो जात रहे, अब ओह जगह परिणाम आवे में करीब 72 घंटा तक लाग सकेला। साल 2008 में नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर से भइल रहे, ओह समय मतगणना में तीन दिन लागल रहे।
2008 के बाद भइल रहे सुधार
दरअसल, 2008 के बाद चुनावी प्रक्रिया के तेज आ पारदर्शी बनावे खातिर नगर निकाय चुनाव में ईवीएम लागू कइल गइल रहे। पिछिला दू गो चुनाव ईवीएम से भइल, जवना से मतदान आ गिनती दुनो तेजी से पूरा हो गइल। बाकिर आयोग 18 बरिस पुरान बैलेट पेपर प्रणाली के फेर से लागू करे के फैसला कइले बा।
अबकि बेर बैलेट पेपर सिस्टम के तहत मतदाता के एके बैलेट बॉक्स में दू गो अलग-अलग बैलेट पेपर डाले के होई। एगो बैलेट पेपर मेयर/महापौर पद खातिर होई, तs दूसरा वार्ड सदस्य के चुनाव खातिर। एह से मतदान केंद्र पs सतर्कता आ मतदाता के समझदारी दुनो के परीक्षा होई।
प्रशासन पs बढ़ल चुनौती
चुनावी जानकार मानत बा लोग कि बैलेट पेपर से चुनाव करावे में प्रशासनिक चुनौती बढ़ जाई। संगे-संगे उम्मीदवारन के धड़कन परिणाम आवे तक तेज बनल रही। कुल मिलाके, अबकि बेर नगर निकाय चुनाव खाली जनादेश के ना, बलुक धैर्य आ इंतजार के अग्निपरीक्षा साबित होई।








