गोरखपुर, 8 मई गोरखनाथ मंदिर परिसर में बनल नौ गो नया मंदिरन में देवता अभिषेक के मौका पे सोमार के साँझ सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के उद्घाटन भइल। नागरिक निकाय चुनाव अभियान में व्यस्त रहला के बावजूद मुख्यमंत्री आ गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी पहिला दिन के कहानी में भाग लेले। मुख्यमंत्री कथा श्रावण के बाद पहिला दिन के कथा विश्राम पे व्यासपीठ के पूजा कईले, माला चढ़वले अवुरी आरती कईले। एकरा से पहिले गोरखनाथ मंदिर पहुंचला पे मुख्यमंत्री गुरु गोरखनाथ के पूजा कईले अवुरी अपना गुरुदेव ब्राह्मलिन महंत अवेद्यनाथ के समाधिस्थल पे सिर झुकवले।
मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकलल भव्य शोभायात्रा
श्री शिव महापुराण कथा के लोकार्पण के अवसर पे गुरु गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से भव्य शोभायात्रा निकालल गइल। गर्भगृह में मंदिर के मुख्य पुजारी योगी कमल नाथ नियम के अनुसार श्रीनाथजी, अखंड ज्योति आ पोठी (श्री शिव महापुराण) के पूजा के संस्कार कइले। एकरा बाद शंख, घंट-घड़ियाल, तुरही, नागफनी आदि वाद्ययंत्र आ बैंड वाद्ययंत्र के गूंज के बीच कहानी के स्थान महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन पहुंचल। इहाँ वैदिक मंत्र के जप के बीच व्यासपीठ के सामने अखंड ज्योति आ पोथी के स्थापना भइल। भक्ति शोभायात्रा में कथा व्यास संत बालकदास, मंदिर के मुख्य पुजारी योगी कमलनाथ, देवीपाटन के महंत योगी मिथलेशनाथ, मठ पुरोहित रामानुज त्रिपाठी ‘वैदिक’, पुरोहितगण आ वेदपाठी विद्यार्थी आ यजमान आदि मौजूद रहले।
शिव केअर्थ शुभ एवं कल्याण : संत बालकदास
श्री शिव महापुराण के कहानी सुनावत घरी कथाव्यास संत बालकदास कहले कि शिव के अर्थ शुभ आ कल्याण ह। उनकर कहानी अनंत आनंद आ कल्याण के राह खोले जा रहल बा। श्री शिव महापुराण कल्पवृक्ष जइसन बाटे। जवना भाव से ई कहानी सुनल जाला ओकरा हिसाब से मनचाहा हासिल होला। कथाव्यास कहले कि शिववतार गुरु गोरखनाथ के तपोस्थली में श्री शिव महापुराण के कहानी सुने वाला लोग बेहद भाग्यशाली बाड़े। कथा श्रावण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संगे काशी से आईल महामंडलेश्वर सतुआ बाबा, कालीबाडी के महंत रविंद्रदास आदि भी शामिल रहले।