रिहा भइलें इमरान खान, सुप्रीम कोर्ट गिरफ्तारी के बतवलें गैरकानूनी; बिहान इस्लामाबाद हाई कोर्ट में होई पेशी

Anurag Ranjan

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान के गिरफ्तारी के सुप्रीम कोर्ट अवैध घोषित कइलस आ उनका के तुरंत रिहा करने के आदेस देलस। इमरान खान के आज इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में पेश होखे के आदेस दिहल गइल बा। खान के गिरफ्तारी के बाद से पूरा देस में बवाल मचल बा। एह बीच देस के सुप्रीम कोर्ट काल्ह उनका के अदालत में पेश करे के आदेस जारी कइले रहे। पेशी के दौरान कोर्ट पाक के पूर्व प्रधानमंत्री के गिरफ्तारी के गैरकानूनी बतावत उनका के रिहा करे के आदेस जारी कइलस।

पीठ जारी कइलस निरदेस 

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल, न्यायमूर्ति मुहम्मद अली मजहर आ न्यायमूर्ति अतहर मिनल्लाह के तीन सदस्यीय पीठ द्वारा खान के कोर्ट में पेश करे के निरदेस जारी कइल गइल बा। पीठ  अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष के गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पs सुनवाई कइले रहे।

गिरफ्तारी पs SC नाराज

ममिला में सुनवाई के दौरान पीठ 70 बरिस के खान के इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के परिसर से गिरफ्तार कइल गइला पs नाराजगी व्यक्त कइले बाड़ें। इमरान खान लाहौर से एगो ममिला के सिलसिला में हाई कोर्ट पहुंचल रहस। पीठ एनएबी के सांझ के साढ़े चार बजे (स्थानीय समय के मोताबिक) तक खान के पेश करे के निरदेस देलस। जवना के बाद अदालत के कार्यवाही फेर से सुरू होई।

गिरफ्तारी पs कोर्ट उठवलस सवाल

संगही ममिला में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बांदियाल सवाल कइले कि कोर्ट परिसर से कवनो व्यक्ति के कइसे गिरफ्तार कइल जा सकत बा? ममिला में अदालत इहो कहलस कि रजिस्ट्रार के अनुमति के बिना केहुओ के अदालत से गिरफ्तार नइखे कइल जा सकत। अदालत इहो कहलस कि परिसर में प्रवेश करे के मतलब बा आत्मसमर्पण कइल। अब सवाल ई बा कि आत्मसमर्पण के बाद कवनो व्यक्ति के कइसे गिरफ्तार कइल जा सकत बा! मुख्य न्यायाधीश टिप्पणी करत कहलें कि जदि कवनो व्यक्ति अदालत में आत्मसमर्पण कs देलस, तs ओकरा के गिरफ्तार करे के का मतलब बा।

उच्च न्यायालय के फैसला के चुनौती

बता दीं, इमरान खान के पिछला मंगर के इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से गिरफ्तार कइल गइल रहे। जवना के बाद बुध के उनका के अल-कादिर ट्रस्ट ममिला में आठ दिनन खातिर एनएबी के सउप देले रहे। जवना के बाद इमरान खान अपना गिरफ्तारी के खिलाफ एनएबी के वारंट के रद्द करे आ गिरफ्तारी के ‘गैरकानूनी’ घोषित करे खातिर बुधवार के शीर्ष अदालत के दरवाजा खटखटइलें।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।