गोरखपुर : वंदे भारत एक्सप्रेस पूर्वोत्तर रेलवे के तीन रूट पs गोरखपुर होके चल सकेला। एकरा खातिर पूर्वोत्तर रेल प्रशासन रेलवे बोर्ड के प्रस्ताव भेजले बा। उम्मीद बा कि जल्दिए एकरा पs मुहर लगावल जा सकता। गोरखपुर से लखनऊ, पालीपुत्र से गोरखपुर से लखनऊ आ गोरखपुर से प्रयागराज रूट पs बंदे भारत ट्रेन चलावे के प्रस्ताव भेजल गइल बा।
गोरखपुर पूर्वांचल के एगो बड़ केंद्र ह। इहाँ से रोज सैकड़ों ट्रेन आवे-जाए ले। हर ट्रेन के स्टॉप गोरखपुर में भी होला। इहे कारण बा कि पूर्वोत्तर रेल प्रशासन चाहत बा कि एह रूट पs अधिका से अधिका वंदे भारत एक्सप्रेस चलावल जाव। अगर रेलवे के अधिकारियन पs विश्वास करे के बा त गोरखपुर से वंदे भारत एक्सप्रेस चले वाला बा। इहे कारण बा कि रेलवे बोर्ड के पहल पs पूर्वोत्तर रेल प्रशासन भी वंदे भारत के रखरखाव के तैयारी शुरू क देले बा। मणिराम में वंदे भारत खातिर अलग से वाशिंग पिट बनावे के तइयारी बा, ताकि ट्रेन के सफाई बेहतर तरीका से हो सके।
52 सेकंड में 100 किमी की गति, हर कोच में वाई-फाई
छपरा से लखनऊ होत गोरखपुर जाए वाला पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य मार्ग के आधुनिक तरीका से बनावल गइल बा। वर्तमान में एह रूट पs 120 से 130 किलोमीटर के रफ्तार से ट्रेन चल सकेले। शुरुआती चरण में वंदे भारत एक्सप्रेस के 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से चलावे के योजना बा। हालांकि नयकी वंदे भारत के अधिकतम गति सीमा 180 किलोमीटर प्रति घंटा बा। इ महज 52 सेकंड में 100 किलोमीटर के रफ्तार पकड़ी। हर कोच में वाई-फाई के संगे 32 इंच के टीवी स्क्रीन होई। एग्जीक्यूटिव कोच में 180 डिग्री के घुमावदार सीट होई।
पूर्वोत्तर रेलवे सुरक्षित, आरामदायक आ तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध करावे खातिर प्रतिबद्ध बा आ एह दिशा में सार्थक काम हो रहल बा। लखनऊ-गोरखपुर खंड के गति बढ़ावे खातिर जरुरी एबीएस के काम चल रहल बा। आवे वाला समय में पूर्वोत्तर रेलवे पs हाई स्पीड ट्रेन भी चले पाई।