महानगर में 100 इलेक्ट्रिक बस चली। दिसंबर ले 50 गो अउरी इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध हो जाई। अगिला साल जून ले 25 गो बसन के डिलीवरी के साथे बेड़ा पूरा हो जाई। सरकार के दिशा-निर्देश पs महानगरीय इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति तैयारी शुरू क देले बिया। वर्तमान में शहर के विभिन्न रूट पs 25 इलेक्ट्रिक बस चल रहल बाड़ी स। इलेक्ट्रिक बस आदि के रखरखाव आ मरम्मत खातिर महेसरा डिपो के विस्तार कइल जाई। नगर निगम अउरी जमीन दिही।
इलेक्ट्रिक चार्जिंग डिपो भी बनावल जाई
महेसरा के अलावे कोनी में 8 करोड़ रुपिया के लागत से इलेक्ट्रिक चार्जिंग डिपो भी बनावल जाई। नगर निगम के ढाई एकड़ मुक्त जमीन के पहचान हो गईल बा। डिपो में रोज 25 इलेक्ट्रिक बस के चार्ज कईल जा सकता। निर्माण के जिम्मेवारी जल निगम (सीएनडीएस) के निष्पादक एजेंसी के दिहल गईल बा। एगो अवुरी चार्जिंग डिपो के निर्माण से इलेक्ट्रिक बस के निर्बाध संचालन संभव हो जाई। रास्ता में डिस्चार्ज हो गईल त बस महेसरा डिपो तक ना चले के पड़ी। इलेक्ट्रिक बस एक चार्ज पs 120 किलोमीटर तक के यात्रा कर सकेले।
महेसरा आ कोनी के अलावे सहजनवां, कौड़ीराम आ भटहट में चार्जिंग डिपो बनावे के योजना बा। जमीन के तलाशी लिहल जा रहल बा। महानगर के अलावे इलेक्ट्रिक बस के विस्तार चौरी चौरा, गोला अवुरी बड़हलगंज तक करे के बा।
गोरखपुर से दू गो टूरिस्ट बस भी चली
इलेक्ट्रिक बस के अलावा दू गो टूरिस्ट इलेक्ट्रिक बस भी चलावल जाई। इ बस बुद्ध, कबीर अवुरी शहीद के धरती तक चली। महेसरा डिपो पs करीब 2.92 करोड़ रुपिया के दुगो पर्यटक इलेक्ट्रिक बस 7 मई 2022 से चले के इंतजार करत खड़ा रहे। हालांकि मरम्मत के अभाव में इ बस ना चलत रहे, लेकिन अब ए बस के मरम्मत के काम लगभग पूरा हो गईल बा।
गोरखपुर-लखनऊ रूट पs इलेक्ट्रिक बस चली
अब इलेक्ट्रिक बस शहरन के भी जोड़ दिही। सरकार के निर्देश पs परिवहन निगम लंबा रूट पs भी इलेक्ट्रिक बस चलावे के योजना तैयार करतिया। शुरू में गोरखपुर से लखनऊ के बीच इलेक्ट्रिक बस चलावल जाई। लंबी दूरी के इलेक्ट्रिक बस एक चार्ज से 320 किलोमीटर चल सकेली। बस स्टेशन परिसर में ही चार्जिंग प्वाइंट बनावल जाई।