गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बहुत दिन से बिना बिकाइल 150 से अधिका संपत्ति के दाम कम करे के तइयार बा। एह संपत्तियन के आधार मूल्य घटावे के प्रस्ताव 22 अगस्त आजु होखे वाला प्रस्तावित जीडीए बोर्ड के बइठक में राखल जाई। उम्मीद बा कि एकरा के बोर्ड से भी मंजूरी मिल जाई। एकरा संगे हर साल संपत्ति के दाम में बढ़ोतरी के दर कम करे के योजना बा।
गोलघर में जीडीए के बनावल जीडीए टावर में बहुत संपत्ति के खरीददार नईखे मिलत। एही तरे वसुंधरा एन्क्लेव के कुछ फ्लैट भी एह सूची में शामिल बा। अलग-अलग जगह पs व्यावसायिक संपत्ति के भी खरीददार नईखे मिलत। हर साल संपत्ति के दाम बढ़ला के चलते ओकर बिक्री नईखे होखत। अब एह तरह के संपत्ति के अलोकप्रिय घोषित कs दिहल जाई आ ओकर मूल्य कम हो जाई।
आधार मूल्य में कमी आई
अलोकप्रिय संपत्ति के मूल्य कम करे खातिर ओकर आधार मूल्य भी कम कईल जाई। कतना प्रतिशत के दाम घटावल जाई, इ बात नईखे बतावल गईल। संपत्ति के लागत कम करे खातिर इ ध्यान राखल जाई कि वर्तमान बाजार मूल्य का बा, जीडीए के ओर से तय संपत्ति के मूल्य का बा? उम्मीद बा कि एकरा में काफी कमी देखल जा सकता।
जीडीए के उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर जीडीए बोर्ड के बैठक में अलोकप्रिय संपत्ति के दाम कम करे के प्रस्ताव ले आवल जाई। एकरा संगे ब्याज दर कम करे के प्रस्ताव भी ले आवल जाई।
एह बिन्दु पs बोर्ड के बइठक में भी चर्चा होई
नया गोरखपुर, राप्तीनगर विस्तार टाउनशिप आ स्पोर्ट्स सिटी, कन्वेंशन सेंटर आदि के प्रस्ताव भी बोर्ड के बइठक में राखल जाई। इ प्रस्ताव बोर्ड के जानकारी खातीर भी राखल जाई।
आवासीय 10, वाणिज्यिक संपत्ति में 12 प्रतिशत ब्याज दर होई
बोर्ड के बइठक में हर साल संपत्ति के दाम में बढ़ोतरी के दर कम करे के प्रस्ताव भी ले आवल जा रहल बा। फिलहाल आवासीय संपत्ति के दाम में हर साल 18 प्रतिशत के दर से बढ़ोतरी होखता जबकि व्यावसायिक संपत्ति के दाम 21 प्रतिशत के दर से बढ़ावल जाता। बोर्ड से नया प्रस्ताव पारित होखला के बाद आवासीय संपत्ति पs 10 प्रतिशत के बढ़ोतरी होई, जबकि व्यावसायिक संपत्ति पs 12 प्रतिशत के बढ़ोतरी होई। इ बदलाव चालू वित्तीय साल के संपत्ति पs भी प्रभावी होई। एकरा संगे जदी आवंटित करेवाला कवनो संपत्ति खातीर जीडीए से आर्थिक सहायता लेवेला त ओकरा आवासीय पs 10 प्रतिशत अवुरी कमर्शियल पs 12 प्रतिशत के दर से भी ब्याज देवे के होई। एकरा खातिर पिछला बइठक में मूल्यांकन समिति के गठन भइल रहे। समिति ब्याज दर कम करे के सिफारिश कईले बिया। एह बइठक में रिपोर्ट राखल जाई।