आज यानी 4 जून के ज्येष्ठ महीना के दूसरा बड़ मंगल हs। बड़का मंगल के दिन बजरंबली के पूजा के खास महत्व बा। बड़का मंगल के बुढ़वा मंगल के नाम से भी जानल जाला। एह दिन संस्कार से भगवान हनुमान के पूजा कइला से हर तरह के भय, परेशानी आ बाधा दूर हो जाला। धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी ज्येष्ठ महीना के मंगलवार के पहिला बेर अपना भगवान श्री राम से मिलले। इहे कारण बा कि हिन्दू धर्म में बड़का मंगल के दिन के बहुत महत्व बा। तs बताईं कि बड़का मंगल के दुसरका दिन कवन तरीका, नियम आ मंत्र से बजरंगबली के पूजा कइला से शुभ परिणाम मिलेला।
बड़का मंगल के दिन एही विधि से हनुमान जी के करीं पूजा
*बड़का मंगल के दिन सबेरे सबेरे उठ के नहाए वगैरह आ साफ-सुथरा कपड़ा पहिरे।
*अब व्रत कs के मंदिर भा पूजा स्थल के सफाई करे के प्रण ले लीं।
*एकरा बाद लकड़ी के एगो चौकी के ओकरा पs लाल कपड़ा पसार दीं।
*चौकी पs हनुमान जी के तस्वीर भा मूर्ति लगाईं।
*बजरंगबली के मूर्ति के सामने शुद्ध घी या तेल के दीप जराई।
*फिर हनुमान जी पs रोली के तिलक आ अक्षत लगाईं।
*बजरंगबली के फल, फूल, माला, धूप, मिठाई आदि पूजा सामग्री अर्पित करीं
*हनुमान जी के चना के आटा के लड्डू चढ़ाई। प्रसाद में तुलसी जरूर रखी।
*एकरा बाद हनुमान चालीसा के पाठ करीं आ मंत्र के जाप करीं।
*पूजा के अंत में भगवान हनुमान जी की आरती करी।
*बजरंगबली के साथ भगवान राम के पूजा क रीं.
एह नियमन के ध्यान में राखीं
*बड़का मंगल के दिन तामसिक वाला चीजन से दूर रही ।
*एह दिन गलती से भी मांस भा शराब के सेवन ना करीं।
*बड़ मंगल के दिन ब्रह्मचर्य के पालन करीं।
*बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के दिन करिया या सफेद रंग के कपड़ा ना पहिनी।
*एह दिन केहू के अपमान मत करीं ना केहू खातिर कवनो गाली-गलौज शब्द के इस्तेमाल करीं.