सोमार : करीं शिव जी के आरती, बनल रही बढियाँ दिन

Minee Upadhyay

 

शिव आरती : भगवान शिव के आरती ॐ जय शिव ओंकार से भगवान शिव के शक्ति आ उनके परम रूप के एहसास होला। भगवान शिव के परब्रह्म रूप उहे हs जवन महाशिवरात्रि के दिन अग्नि के स्तंभ के रूप में प्रकट भइल रहे। शिवरात्रि के समय आ भगवान शिव के पूजा में ई ॐ जय शिव ओंकारा आरती गा के भगवान शिव भक्तन के बहुत बड़ आशीर्वाद देलें। एह से भक्तन में एह आरती पs गहिराह आस्था बा। आप भी भगवान शिव के ई आरती रोज आ शिवरात्रि आ शिव पूजा के अवसर पs गावत बानी आ भगवान शिव के आशीर्वाद के लाभ उठावत बानी।

शिव जी के आरती 

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

 

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥

 

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

 

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥

 

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

 

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥

 

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

 

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥

 

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

 

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥

 

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

 

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥

 

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

 

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥

 

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

 

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

 

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

 

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥

 

 

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भोजपुरी पत्रकारिता में 2 साल से काम कइला के अनुभव। भोजपुरी में समाचार लिखे के गहिराह जानकारी के संगे फिलिम, मनोरंजन, स्पेशल स्टोरी आदि सेगमेंट्स के खबरन के पढ़े खातिर हमरा संगे बनल रही खबर भोजपुरी पs।