Chhath Puja 2022: बिहान से होई लोक आस्था के महापर्व छठ के शुरुआत, जानीं अर्घ्य आ पूजन के शुभ मुहूर्त

Anurag Ranjan

Chatth Puja 2022: नहाए खाए के संगे सुरू होखे वाला एह लोकआस्था के महापर्व में महिला 36 घंटा तक निर्जला व्रत राखेला लो। मान्यता बा कि एह दिन विधि विधान से छठी मईया आ भगवान भास्कर (सुरुज देवता) के पूजा अर्चना करे से छठी मईया के आशीर्वाद हरदम अपना भक्तन प बनल रहेला आ निसंतान के संतान के प्राप्ति होला आ संतान के जिनगी में आवे वाला सब विघ्न बाधा के अंत होला।

पौराणिक कथा के मोताबिक छठी मईया सूर्य देवता के बहिन हई। शास्त्रन में वर्णित एगो कथा के अनुसार, पृथ्वी प जिनगी के बनावल राखे खातिर आ भगवान सूर्यदेव के धन्यवाद करे खातिर ई पूजा कइल जाला।

पुराणन में वर्णित एगो कथा के अनुसार छठ माता के ब्रह्मा जी के मानस पुत्री बतावल गइल बा। एह परब के उल्लेख रामायणकाल आ महाभारतकालो में कइल गइल बा। ओइसे त पूरा भारत में एह परब के धूम देखे के मिलेला, बाकिर उत्तर प्रदेश, बिहार आ झारखंड में एह परब प एगो अलगे रौनक देखे के (Chatth Puja 2022 Date) मिलेला। महीनन पहिले से छठपूजा के तइयारी सुरू हो जाला। एह चार दिवसीय परब के शुरुआत नहाय खाय के संगे होला। अइसन में एह लेख के माध्यम से आई जानल जाव, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में छठ पूजा कब बा, एकरा शुभ मुहूर्त आ महत्व से लेके समूचा जानकारी।

Chatth Puja 2022 Date:  कब बा छठ पूजा 2022

हिंदू पंचांग के मोताबिक कार्तिक मास के षष्ठी तिथि के छठ पूजा के पावन परब मनावल जाला। नहाए खाए के संगे सुरू होखे वाला ई परब 28 अक्टूबर, सूक से सुरू हो रहल बा। छठ के दूसरा दिन खरना 29 अक्टूबर, सनीचर के बा। छठ पूजा में खरना के विशेष महत्व होला। एह दिन व्रती महिला रात में खीर ग्रहण करेला लो। ओहिजा छठ के तीसरा दिन संध्या अर्घ्य 30 अक्टूबर, अतवार के बा आ छठ के चउथा आ आखिरी दिन 31 अक्टूबर, सोमार के बा। बता दीं एह दिन उगत सूरज के अर्घ्य देवे के विधान बा।

छठ पूजा 2022 शुभ मुहूर्त

  • छठ के पहिला दिन (नहाय खाय) 28 अक्टूबर 2022, सूक।
  • छठ पूजा के दूसरा दिन (खरना) 29 अक्टूबर, सनीचर
  • छठ पूजा के तीसरा दिन (संध्याकालीन अर्घ्य) 30 अक्टूबर, अतवार
  • छठ पूजा के चउथा दिन (उषा अर्घ्य) 31 अक्टूबर, सोमार
  • संध्याकालीन अर्घ्य के बेरा 30 अक्टूबर 2022, सांझ के 5:37 प
  • उषा अर्घ्य के बेरा 31 अक्टूबर, सबेरे 6:31

छठ पूजा के महत्व

सनातन धर्म में छठ पूजा के विशेष महत्व बा। बता दीं कि ई एगो अइसन परब ह, जेमे ना खाली उगत सूरज के पूजा कइल जाला बलुक डूबतो सूरज के अर्घ्य दिहल जाला। मान्यता बा कि एह दिने विधि विधान से छठ मईया के पूजा अर्चना कइला आ भगवान सूर्य देव के अर्घ्य देला से संतान संबंधित सब समस्यन के निवारण होला। छठ पूजा में साफ-सफाई के विशेष धेयान रखल जाला। कार्तिक मास सुरु होखला के संगही व्रती महिला सात्विक भोजन ग्रहण कइल सुरु क देला लो। ई परब आज ना खाली उत्तर प्रदेश आ बिहार तक सीमित बा बलुक एह परब के धूम देश दुनिया में देखे के मिलेला।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।