भोजपुर : सरैया के सकड़ पs मकान गिरावे से पहिले भोजपुर जिला प्रशासन ओह लोग के घर बनावे आ झोपड़ी लगावे के कवनो जगह ना दिहलस। आ पर्याप्त समय तक ना दिहल गइल। आखिर काहे? बहुत सवाल उठत बा आ प्रशासन पs अंगुरी उठावल जा रहल बा।
एक ओर सरकार हीट स्ट्रोक के खतरा के हवाला देत लोग के घर के भीतर रहे के सलाह दे रहल बिया त दूसरा ओर ए बेहद गरम गर्मी में 100 से जादे परिवार के छत उतार के सड़क पs छोड़ दिहल गईल बा । कवन लइका, कवन गर्भवती मेहरारू, का बुजुर्ग! सब तपल घाम में प्रशासन के रोवत बाड़े। पीड़ित लोग के कहनाम बा कि इ लोग अपना परदादा के जमाना से इहाँ रहत रहले आ 1981 में एगो सरकारी अधिकारी ए लोग के लिखित रूप में अनुमति देले रहले, फिर भी नियम कानून के उल्लंघन करत ए लोग के घर गिरावल गईल।
आरा के उदवंतनगर प्रखंड के छोटकी सासाराव गांव के पास एगो छोट गाँव ह। बिंद समुदाय के लोग आजादी के समय से ही इहाँ रहत रहे, जेकरा के अब बेघर बना दिहल गईल बा। जब सरैया के पीड़ित लोग के सैकड़ों परिवार से बात कईल गइल त दर्जनों महिला आ पुरुष एक आवाज़ में कहले कि नोटिस एक दिन पहिले दिहल गईल बा। दूसरा दिन उदवंतनगर के सीओ कहलन कि कवनो दोसरा जगहा बसे खातिर जमीन के टुकड़ा दिहल जाई। लेकिन ठीक अगिला दिने सैकड़न पुलिस बल आ बुलडोजर हमनी के सब घर के एकट्ठा क के गिरा दिहलस।
केकरा निर्देश पे घर गिरावल गइल?
पीड़ित लोग के आरोप बा कि जिला प्रशासन गांव के कुछ लोग के कहला पs इ काम कईले बिया। सुप्रीम कोर्ट के कड़ा आदेश बा कि अगर केहू के घर अतिक्रमण के नाम पs गिरावल जाता त पहिले ओकरा ठहरला के इंतजाम होखे के चाही, लेकिन इहाँ इ निर्देश ना मानल गईल। महत्व के बात इ बा कि आजकल 43 डिग्री के आसपास के तापमान के चलते लोग के जान खतरा में पड़ गईल बा, सरकार लगातार घर में सुरक्षित रहे के अपील करतिया। अयीसना में सरैया में जल्दबाजी में भईल कार्रवाई के लेके प्रशासन चुप्पी साध लेले बा।