फ्रेंड्स ऑफ इंडियन डायस्पोरा (एफओआईडी) के संस्थापक डॉ.-इं. गौतम सागर जर्मनी के हैनोवर से आभाषी पटल पs 111वां बिहार दिवस खातिर एगो भव्य समारोह आयोजित कइलें, जेमे दुनिया भर के प्रतिष्ठित वक्ता, कलाकार आ दर्शक लोग भाग लिहल। एह कार्यक्रम के आयोजन भारतीय कॉन्सुलवास हैम्बर्ग, जर्मनी, बिहार सरकार आ बिहार फाउंडेशन के सहयोग से भइल।
एह कार्यक्रम में भारतीय कॉन्सुलवास हैम्बर्ग, जर्मनी से श्री गुलशन ढींगरा ने शिरकत कइलें, जे बुद्ध, चाणक्य, अशोक आ डॉ. राजेंद्र प्रसाद जइसन महापुषन के हवाला देत बिहार के समृद्ध विरासत के प्रशंसा कइलें। डॉ. सागर सभे से आपन जड़न पs गर्व करे आ ओह लोगन के बेहतर भविष्य खातिर प्रेरणा स्रोत के रूप में उपयोग करे के आह्वान कइलें। श्री दीपक कुमार सिंह, मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार आ बिहार दिवस समारोह 2023 के नोडल व्यक्ति अनिवासी बिहारियन से आग्रह कइल लो कि ऊ अपना मूल स्थान के कुछ वापस दीं आ आवे वाला पीढ़ियन के उत्थान करीं। आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी.एन.सिंह आर्यभट्ट आ दुनिया पs बिहारी इंजीनियरन के प्रभाव के बारे में बात कइलें। श्री रविशंकर उपाध्याय बिहार के व्यंजन के यात्रा के बारे में बात कइलें, जबकि डॉ कृष्ण कन्हैया यूके आ बिहार में बिहारी डॉक्टरन के योगदान पs जोर देलें। जर्मनी में जन्मल आ पलल-बढ़ल 10 साल के पलक सागर हिंदी आ जर्मन में बिहार दिवस के बारे में आपन विचार साझा कइलें। बिहार के एगो उद्यमी सुमन प्रसाद भारत में टियर 2 शहरन खातिर आपन 100×100 विजन के बारे में बात कइलें।
एह कार्यक्रम में मनमोह लेवे वाला सांस्कृतिक प्रस्तुतियो भइल, जेमे मनोज भावुक के भोजपुरी गजल, श्रद्धा मिश्रा के लोक गीत, समीर प्रकाश के हिंदी कविता, आशुतोष कुमार आ शरद कुमार के बहुभाषीय (हिंदी मैथिली, बज्जिका) जोगीरो सामिल बा।कुमारी ज्योत्सना द्वारा मधुबनी पेंटिंग के लाइव डेमो भइल। कुल मिलाके, एफओआईडी द्वारा आयोजित बिहार दिवस के आभासी उत्सव एगो बड़ सफलता रहे, जवन बिहार के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के जश्न मनावे खातिर दुनिया भर के लोगन के एक संगे ले आइल आ आवे वाला पीढ़ियन खातिर बेहतर भविष्य के प्रेरणा देलस।