Indian Army Jobs: खाली 4 साल के ना होई सेना के नौकरी, पहिले के तरे नियमित बहालियो होई

Anurag Ranjan

सेना में पिछला ढाई साल से सैनिकन के भर्ती बंद बा बाकिर एही बीच टूर ऑफ द ड्यूटी (टीओडी) के जरिये नौजवानन के चार साल के संविदा पs सेना में भर्ती कइल जाये के प्रस्ताव पs चरचा तेज भइल बा। बाकीर सेना से जुड़ल सूत्रन के कहनाम बा कि टीओडी सेना में होखे वाला मवजूदा भर्ती के विकल्प ना होई। बलुक ई प्रक्रिया सामान्य भर्ती प्रक्रिया के समानान्तर चली, जेकरा माध्यम से योग्य नौजवानन के चार साल खातिर सेना में काम करे के मवका दिहल जाई।

टूर ऑफ द ड्यूटी (टीओडी) विदेशन में प्रचलित एगो पुरान पैटर्न हs जेमे कुछ समय खातिर नौजवानन के सेना में भर्ती कइल जाला। ओह लो के प्रशिक्षणों दिहल जाला आ एगो तय अवधि के बाद ओह लो के हटा दिहल जाला। बाद में जब नियमित भर्ती होला तs ओमे टूर ऑफ द ड्यूटी में सेवा दे चुकल उम्मीदवारन खातिर सीट आरक्षित कइल जाला। एही तरे के खाका भारतीय सेना में भर्ती खातिर तइयार कइल जा रहल बा। आमतौर पs ओह देशन में ई व्यवस्था सफल बा जहां सैन्य जरूरत बहुते काम होला।

चलत रही नियमित बहाली

सेना के सूत्र बतावल कि चार साल के टूर ऑफ द ड्यूटी के प्रस्ताव पs कई स्तरन पs चर्चा चल रहल बा बाकिर अभी ले कवनो अंतिम फसीला नइखे भइल। बाकिर ई कहल कि ई बेवस्था मवजूदा भर्ती प्रक्रिया के जगे ली, सही नइखे। जदि टूर ऑफ द ड्यूटी बेवस्था लागू होखतो बा तs नियमित भर्ती प्रक्रिया चलत रही।

काहे ले आवल जा रहल बा टूर ऑफ द ड्यूटी?

टूर ऑफ द ड्यूटी के माध्यम से सेना में योग्य उम्मीदवारन के कमी दूर करे के बा। देश में जरूरत पड़ला पs देश में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त जवानन के उपलब्धता सुनिश्चित कइल बा। बाकिर एह ममिला में कइयन गो अगर-मगर जुड़ल बा। सेना में आमतौर पs जवान करियर खातिर भर्ती होले। एह समय ई मांग चल रहल बा कि सेना में सेवानिवृत्ति के उमिर बढावल जाव काहे कि 38-39 साल में जवान जब सेवानिवृत्त होला लो तs ओह लो के दोसर काम खोजे के पडेला। अइसन में चार साल खातिर सेना में भर्ती होखे खातिर केतना लोग आई, कहल मुश्किल बा। सेना से जुड़ल सूत्रन के कहनाम बा कि एह सब पहलुअन के देखल जा रहल बा।

बता दीं कि कोरोना महामारी शुरु होखला के बाद से सेना में जवानन के भरती नइखे हो पाइल। एह समय जवानन के सवा लाख से अधिका पद खाली होखे के अनुमान बा। सेना के सूत्र लो कहल कि सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करे के लेके अभी कवनो आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नइखे भइल।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।