नई दिल्ली। तुर्कमान गेट इलाका में मवजूद सैयद फैज इलाही मस्जिद आ कब्रिस्तान से सटल जमीन पs मंगर के देर रात एमसीडी बुलडोजर चलवले बा। एह जमीन के दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन सामने आइल बा। बतावल जा रहल बा कि ब्लास्ट से पहिले आतंकी उमर एही मस्जिद में करीब 10 मिनट से जादे समय बितवले रहे। एह घटना के बाद सुरक्षा एजेंसी सख्ती बढ़ा देली सs आ जमीन के रिकॉर्ड खंगालल सुरू कइल गइल, तब ममिला सामने आइल।
एही मस्जिद के प्रबंध समिति एमसीडी के अतिक्रमण हटावे वाला नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कइले बा। मस्जिद प्रबंधन के याचिका पs सुनवाई करत दिल्ली हाईकोर्ट दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), शहरी विकास मंत्रालय, भूमि आ विकास कार्यालय (L&DO) आउर दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब तलब कइले बा। अदालत सब संस्थानन के चार हफ्ता के भीतर हलफनामा दाखिल करे के निरदेस देले बा। एह ममिला के अगिला सुनवाई 22 अप्रिल के होई।
पूरा ममिला का बा?
सैयद फैज इलाही मस्जिद प्रबंध समिति एमसीडी के ओह आदेस के चुनौती देले बा, जवना में मस्जिद से सटल 0.195 एकड़ जमीन छोड़ के बाकी ढांचा तोड़े के बात कहल गइल बा।
एमसीडी के कहनाम बा कि मस्जिद प्रबंधन समिति भा दिल्ली वक्फ बोर्ड एह जमीन पs आपन मालिकाना हक साबित करे वाला कवनो वैध कागज पेश नइखे कइले। एकरा चलते ई जमीन सरकारी मानल जा रहल बा आ एकरा पs बनल निर्माण अवैध अतिक्रमण बा।
हाईकोर्ट कवना-कवना संस्थानन से जवाब मंगले बा?
- दिल्ली नगर निगम (MCD)
- दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA)
- शहरी विकास मंत्रालय
- भूमि आ विकास कार्यालय (L&DO), पहाड़गंज
- दिल्ली वक्फ बोर्ड
मस्जिद प्रबंध समिति याचिका में का कहले बा?
प्रबंध समिति के कहनाम बा कि एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के आदेस गैरकानूनी आ मनमाना बा। ई जमीन सालन से मस्जिद आ कब्रिस्तान के इस्तेमाल में रहल बा। बिना सही जांच आ सुनवाई के तोड़फोड़ के आदेस दिहल संविधान में दिहल मौलिक अधिकारन के उल्लंघन बा।
आतंकी कनेक्शन के बाद बढ़ल जांच
याचिका में इहो लिखल बा कि 10 नवंबर के लाल किला के पास कार ब्लास्ट से पहिले आतंकी उमर एह मस्जिद में रुकल रहे। एह खुलासा के बाद प्रशासन जमीन के रिकॉर्ड गहराई से जांचे लागल।
अब आगे का होई?
हाईकोर्ट सब संबंधित विभागन से जवाब मिलला के बाद तय करी कि-
- ई जमीन वाकई वक्फ संपत्ति बा कि सरकारी जमीन?
- मस्जिद प्रबंधन के दावा कानूनी रूप से सही बा कि ना?
- आ एमसीडी के तोड़फोड़ वाला आदेस जायज बा कि गलत?






