गोरखपुर के शुद्धिकरण नशामुक्ति केंद्र; 8 साल समाज से नशा के मुक्त करे में दे रहल बा अहम जोगदान 

Anurag Ranjan

गोरखपुर: नशा आज के आधुनिक जुग में समाज में तेजी से फइल रहल बड़हन समस्यन में से एगो बा। नवहा पीढ़ी एकरा गिरफ्त में बहुत तेजी से आ रहल बिया। जवन समाज के बेहतरी खातिर चुनौती बन के उभरल बा। आज चरचा गोरखपुर के शुद्धिकरण नशामुक्ति केंद्र के जवन समाज में फइलल एह समस्या के मिटावे में आपन बहुमूल्य जोगदान दे रहल बा।

नशा के आदत से दूरी बा बहुत जरूरी

शुद्धिकरण नशामुक्ति केंद्र के संस्थापक दुर्गेश सिंह चंचल के मोताबिक एकर स्थापना 2015 में भइल। नशा घर परिवार के तबाही के कारण बा। एह वजह से एकरा से दूरी बनावल बहुत जरूरी होला। ई दूरी बनावे में नशामुक्ति केंद्र के 6 महीना के कोर्स सहजोगी होला। बता दीं कि 6 महीना के कोर्स में व्यायाम, तय खानपान आ नशा के आदत से मजबूर व्यक्ति के विल वापर मजबूत कइल जाला। जवना से ओकरा नशा से दूर होखे में मदद मिलेला।

शहर में तीन जगह चल रहल बा सेंटर 

शुद्धिकरण नशा मुक्ति केंद्र के संस्थापक दुर्गेश सिंह चंचल बतवनी कि वर्तमान में गोरखपुर शहर में तीन जगह सेंटर चल रहल बा। शहर के बेतियाहाता, रूस्तमपुर आ बिलंदपुर में चल रहल सेंटरन में 400 से जादे लोग भर्ती बा। जे केहूओ नशा के आदी बा आ ओकर चाहत नशा से दूर होखे के बा ऊ शुद्धिकरण नशामुक्ति केंद्र में अपना के भर्ती करा सकेला।

नशामुक्त समाज देस के विकास खातिर जरूरी 

बता दीं कि नशामुक्त समाज ना खाली परिवार, शहर बलुक राज्य आ देस के विकास खातिर बहुत जरुरी होला। शुद्धिकरण नशामुक्ति केंद्र के कोसिस बा कि समाज के कवनो परिवार नशा के वजह से तबाह ना होखे।

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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।