UP : माघी पूर्णिमा पs नहाये खातिर शंकराचार्य के मनावे में जुटलें अफसर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद रखलें ई शर्त

Magh Mela Authority issues notice to Swami Avimukteshwaranand over rule violations at Prayagraj Magh Mela

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प्रयागराज। ज्योतिर्मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज माघी पूर्णिमा के दिन संगम में डुबकी लगा सकत बाड़ें। लखनऊ के कुछ बड़ अफसर शंकराचार्य से संपर्क कs के उनका के मनावे के कोसिस में जुटल बा लोग। अफसर लोग शंकराचार्य से माघी पूर्णिमा पs संगम स्नान करे के आग्रह कs रहल बा लोग। एकरा पs शंकराचार्य साफ कह देले बाड़ें कि ऊ तबे नइहये, जब उनकर कुछ मांग पूरा कइल जाई।

शंकराचार्य अफसरन के सामने चार गो शर्त रखले बाड़ें। पहिला- मौनी अमावस्या के दिन अभद्रता करे वाला अफसर लिखित में माफी मांगे लोग। दुसरका- संन्यासी, बटुक, ब्राह्मण, साधु-संत आ बुजुर्गन के पिटाई करे वाला पुलिसकर्मी आ अफसरन पs सख्त कार्रवाई होखे आ एफआईआर दर्ज कइल जाये। तीसरका- गाय माता के राज्यमाता घोषित कइल जावs। आ चउथा- चारो शंकराचार्य के संगम स्नान खातिर अलग से प्रोटोकॉल बने। शंकराचार्य कहले बाड़ें कि ई चारो मांग मानल गइले पs ऊ स्नान करिहें। एह बात के पुष्टि शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार कइले बाड़ें।

मौनी अमावस्या पs पालकी रोकल गइल रहे

मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान खातिर जात ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के रथ के पुलिस-प्रशासन रस्ता में रोक देले रहे। रथ आ जुलूस रोकला से माहौल तनावपूर्ण हो गइल। शंकराचार्य के समर्थक साधु-संत आ पुलिस के बीच तीखा नोकझोंक भइल। अफसर लोग कहल कि पैदल जा के नहाईं, एह बात पs विवाद आउर बढ़ गइल। कुछे देर में पूरा संगम इलाका पुलिस छावनी में बदल गइल। शंकराचार्य गृह सचिव मोहित गुप्ता, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार आ दुसरका अफसरन पs आरोप लगवलें कि संन्यासियन, ब्राह्मण बटुकन आ साधु-संतन से मारपीट कइल गइल, चोटी पकड़ के घसीटल गइल आ अपमान कइल गइल।

11 दिन धरना पs रहलें शंकराचार्य

एह घटना से दुखी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज माघ मेला क्षेत्र में त्रिवेणी मार्ग पs इस्थित बद्रिकाश्रम हिमालय शिविर के सामने सड़क किनारे धरना पs बइठ गइलें। ई धरना मौनी अमावस्या 18 जनवरी से 27 जनवरी ले चलल। ऊ लगातार अफसरन से माफी मांगे के मांग करत रहस, बाकिर कवनो अफसर उनका से मिले ना आइल। आखिरकार 28 जनवरी के शंकराचार्य माघ मेला छोड़ के वाराणसी खातिर रवाना हो गइलें।

मौनी अमावस्या के घटना के बाद धरना पs बइठल शंकराचार्य के प्रयागराज मेला प्राधिकरण नोटिस जारी कs के पूछलस कि साबित करीं कि रउआ ज्योतिष्ठ मठ के शंकराचार्य बानी। नोटिस में कहल गइल कि जब सुप्रीम कोर्ट एकरा पs रोक लगा के रखले बा, तs रउआ अपना नाम के आगे शंकराचार्य काहे लिखत बानी।

जमीन निरस्तीकरण आ आजीवन प्रवेश बैन के चेतावनी

एतने पर ना रुक के मेला प्रशासन दुसरका नोटिस जारी कs के माघ मेला में आवंटित जमीन निरस्त करे के चेतावनी देलस। संगही शंकराचार्य के मेला में आजीवन प्रवेश पs रोक लगावे के बात कहल गइल। एह पs  बहुते बवाल मचल। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कइयन राजनीतिक दलन के नेता शंकराचार्य के समर्थन में आ गइल लाेग आ सरकार पs सवाल उठावल।

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